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मेरा निजी कुछ भी नहीं: ज्यां द्रेज

पलामू के छतरपुर और आंशिक रूप से चैनपुर प्रखंड में पिछले दो सप्ताह से नरगा सव्रे रिपोर्टो और जनसुनवाई के बाद प्रो. ज्यां द्रेज की सव्रे टीम इलाहाबाद लौट गयी। जाते-ााते प्रो. द्रेज से हमार संवाददाता अरुण सिंह ने विशेष बातचीत की।ड्ढr निजी जीवन के बार में बतायें?ड्ढr मैं अपने मिशन और काम से अलग कुछ भी नहीं हूं और न मेरा एसा कुछ निजी है, जिसे बांटा जा सकता है।ड्ढr कोई अधिकारी आपको कैसे संतुष्ट कर सकता है?ड्ढr गरीबों के हित में अपना दायित्व निभाकर और संवैधानिक मर्यादाओं का पालन कर।ड्ढr क्या योजनाओं में पीसी मैनेजमेंट जानते हैं?ड्ढr बहुत अधिक तो नहीं, लेकिन राज्य के हर कोने में नरगा में भ्रष्टाचार छतरपुर से अलग नहीं है।ड्ढr अगर एसा था, तो सोशल ऑडिट सिर्फ छतरपुर में ही क्यों?ड्ढr मैंने और सव्रे टीम ने चंद उदाहरण प्रस्तुत किये हैं, बाकी दायित्व यहां के कार्यपालिका और विधायिका का है, लेकिन समय मिला, तो मैं हर प्रखंड में नरगा का का ऑडिट करना चाहूंगा।ड्ढr क्या इन अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई तभी संभव है, जब कोई ज्यां द्रेज हस्तक्षेप करता हो?ड्ढr लड़ाई अनवरत जारी रखनी होगी। हक जानना होगा, तभी सुधार होगा। दरअसल भ्रष्टाचार से जुड़े लोगों को अपना समाज, देश और गरीबों का दर्द नहीं दिखता। एसे लोगों को संवेदना की राह पर लाना होगा। हम लड़ेंगे और जीतेंगे भी।ड्ढr झारखंड दौर के क्रम में घटी कोई एसी घटना, जो बार-बार आपको याद आती हो? वर्ष 2002-03 में पलामू के मनातू प्रखंड के विभिन्न इलाकों से लगातार भूख से मौत की खबरं आ रही थीं। इन खबरों पर सहा विश्वास करना कठिन था। साथियों ने सव्रे किया और मामले को बहुत हद तक सही पाया, पर भूख से मौतों को रोकने का कारगर उपाय न होता देख वर्ष 2006 के पूर्वार्ध में कुसुमाटांड़ में जनसुनवाई आयोजित की गयी। मुझे दिल्ली से रांची और रांची से जनसुनवाई स्थल तक आना था।रांची से अपनी पत्नी बेला भाटिया के साथ आ रहा था। चंदवा घाटी पार कर दुर्घटना हुई। दाहिने पांव का निचला हिस्सा टूट गया। बेला की मदद से टूटे पांव में कमाची बांधी और फिर जनसुनवाई स्थल तक आया। यदि मैं एसा नहीं कर पाता, तो आम लोगों के साथ अन्याय करता।ड्ढr आपकी राजनीतिक पहुंच बहुत ऊपर तक है। इसका फायदा कहां-कहां ले पाते हैं?ड्ढr (मुस्कुराकर) फायदा किसी से नहीं लेता।ड्ढr भारत का कौन सा राजनीतिक शख्स आपको सबसे अधिक भाता है?ड्ढr सभी वैसे लोग, जो अपना दायित्व निभाते हैं।ड्ढr आपको सबसे अधिक प्रिय क्या है?ड्ढr गरीब, गांव और अपना काम।ड्ढr आपको हिन्दी का कोई गीत याद है?ड्ढr जवाब में ज्यां ने पूर लय से ताली बजाकर गाया- हर हाथ को काम दो, काम को पूरा दाम दो।ं

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