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उग्र भीड़ ने थानाध्यक्ष और जमादार को पीटा

थाना परिसर में विषपान कर मर महेशपुरा गांव के 30 वर्षीय विनोद महतो की लाश के साथ सड॥क पर उतर लोगों ने मंगलवार को जमकर बवाल काटा। उधर, देर शाम स्थिति में सुधार न होने पर सड़क जाम कर रहे लोगों पर पुलिस ने तकरीबन एक दर्जन अश्रु गैस के गोले छोड़े और फायरिंग की। जबकि विरोध में लोगों ने जमकर रोड़ेबाजी की जिससे आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हुए। इस दौरान बज्रवाहन के साथ पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़कर पीटा और सड़क जाम करने वालों को हटाया। डीएसपी राशिद जमा ने अश्रु गैस की पुष्टि तो की पर फायरिंग से इनकार किया। जबकि भीड़ ने गोली चलने की बात कही है। पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया है।ड्ढr ड्ढr आज सुबह झंझारपुर थाना के आगे राम चौक पर जाम कर रहे लोगों को समझाने आये थानाध्यक्ष रामदेव मांझी एवं पुलिस जमादार रामनाथ सिंह को खदेड़कर लाठी, बांस व झाड़ू से लोगों ने धुन दिया। मौका पाकर थानाध्यक्ष ने किसी तरह अपनी जान बचाई जबकि पिटाई से जख्मी जमादार की हालत देख थाना पर मौजूद सशस्त्र पुलिस बल एवं सैफ के जवानों ने जवाबी हमले के तौर पर जमकर लाठियां चलायीं। इस भगदड़ में महिलाएं समेत एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गये। लोगों ने एसडीओ अविनाश कुमार कंठ पर गुस्सा उतारते हुए उनके साथ धक्का-मुक्की की। एसडीओ ने लोगों को समझाने की कोशिश की पर कोई फायदा नहीं हुआ। स्थानीय लोग विनोद की मौत के लिए झंझारपुर थाना पुलिस को जिम्मेवार ठहरा दोषी पुलिस वालों पर हत्या का मुकदमा चलाने की मांग पर अड़े हुए थे।ड्ढr ड्ढr उधर, किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए जामस्थल पर एसपी राकेश राठी, एसडीओ अविनाश कुमार कंठ, इंस्पेक्टर आर.के. कुमार समेत पुलिस के दर्जनों अधिकारी व सशस्त्र बल दंगा निरोधी दस्ते के साथ सड़क मार्च कर स्थिति को काबू में लाने में जुटे हैं। लोगों ने लौकहा से झंझारपुर आ रही ट्रेन को भी रोक दिया जबकि सुबह से ही झंझारपुर-फुलपरास पथ में यातायात बाधित रहने से यात्रियों को भारी परशानी का सामना करना पड़ा। जख्मी जमादार को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां वे बेहोश हैं। थानाध्यक्ष को जवानों ने बंधक बनायाड्ढr लखीसराय (सं.)। सोमवार की रात्रि मंडल कारा की सुरक्षा के लिए तैनात सैप जवानों की डय़ूटी की जांच करने गये कवैया थानाध्यक्ष को सैप जवानों ने बंधक बना लिया। घटना की सूचना मिलने पर एसपी ने स्वयं पहुंचकर थानाध्यक्ष को मुक्त कराया। एसपी के निर्देश पर सैप के सभी 18 जवानों ने अपने हथियार पुलिस लाइन के शस्त्रागार में जमा करा दिये हैं। सैप जवानों का आरोप है कि थानाध्यक्ष नशे में थे और एक जवान की एके 47 रायफल लेकर इधर-उधर घूम रहे थे। घटना से उत्तेजित सैप जवानों ने मंगलवार को जिलाधिकारी से भेंटकर थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की मांग की साथ ही ज्ञापन में एसपी पर भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना की बावत पूछने पर एसपी ने सैप जवानों को अनुशासन हीन बताया। सैप के ढाई दर्जन जवानों के हस्ताक्षर से जिलाधिकारी को दिये गये ज्ञापन में कहा गया है कि बीती रात धुत्त कवैया के थानाध्यक्ष मुकेश कुमार उनके कैम्प में आए। उस समय मुख्य द्वार पर सत्यनारायण नायक एवं छत पर रामप्रवेश सिंह ड्यूटी कर रहे थे।

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