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अब पेट्रोल पर सेस!

नौकरीपेशा लोगों व कंपनियों के लिए आने वाला समय और कठिन साबित हो सकता है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों का खामियाजा इन्कम व कार्पोरट टैक्स पर पेट्रोल सेस या सरचार्ज के रूप में अदा करना पड़ सकता है। सरकार को यह मशविरा पेट्रोलियम मंत्रालय ने दिया है। कच्चे तेल पर कस्टम डय़ूटी को पांच प्रतिशत से जीर प्रतिशत करने तथा पेट्रोल एवं डीाल पर उत्पाद शुल्क में कटौती के एवज में सेस लगाया जा सकता है। यह सेस या सरचार्ज वैसा ही हो सकता है जसा कारगिल युद्ध के बाद लगाया गया थाड्ढr पेट्रोलियम मंत्रालय की कच्चे तेल तथा पेट्रोलियम उत्पादों पर शुल्क कम करने की पेट्रोलियम मंत्रालय की दरख्वास्त पर वित्त मंत्रालय ने गौर नहीं किया। तब जाकर पेट्रोलियम मंत्रालय को वित्त मंत्री को यह मशविरा सुझाना पड़ा जिससे कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को राहत मिल सके। पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि पेट्रोल व डीाल पर शुल्क घटाने से सरकार को मिलने वाले राजस्व में काफी कमी आ जाएगी जो वित्त मंत्रालय नहीं चाहता। इनकम व कार्पोरट टैक्स पर सेस लगाने से यह लाभ होगा कि जिनकी क्षमता है या कहें कि जो प्रत्यक्ष रूप में पेट्रोल की खरीद करंगे, उनपर ही यह बोझ पड़ेगा। आम आदमी खासकर, गरीब तबके के लोगों पर इसका भार नहीं पड़ेगा। कीमत में बढ़ोत्तरी का नतीजा यह होगा कि इसका बोझ सब पर पड़ेगा और इसका नतीजा महंगाई दर बढ़ने की शक्ल में सामने आएगा।

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