अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बिहार संग बोर्ड-निगम बंटवारे पर सरकार गंभीर

संबंधित विभागीय सचिवों को वर्तमान स्थिति पता कर दोनों राज्यों के बीच बोर्ड-निगमों की परिसंपत्ति एवं देनदारियां के शीघ्र बंटवारे के लिए प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में लाने का निर्देश दिया गया है।ड्ढr अगस्त 2003 में केंद्र सरकार ने बोर्ड-निगमों के बंटबारे का आधार तथा प्रक्रिया का आधार तय कर दिया था। दोनों राज्यों को हर माह बैठक कर विभाजन की प्रगति रिपोर्ट केंद्र सरकार को देनी थी। कुछ दिन तक तो ऐसा हुआ, लेकिन बाद में यह पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। लगभग दो साल बाद झारखंड सरकार निगम-बोर्ड के विभाजन को लेकर गंभीर हुई है। अलग राज्य बनने के समय अविभाजित बिहार में 56 बोर्ड-निगम थे, इनमें से 18 लिक्िवडेशन में चले गये। नौ प्राधिकार बिहार के क्षेत्र में स्थित होने के चलते उनका स्वामित्व सीधे उस राज्य का हो गया। इसी तरह सात प्राधिकार झारखंड के हो गये।ड्ढr इनमें पथ परिवहन निगम, बिजली बोर्ड, हाउसिंग बोर्ड और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विभाजन की प्रक्रिया पूरी हो गयी है। 18 बोर्ड-निगम ऐसे बचे हैं, जिन पर दोनों राज्यों को मिलकर परिसंपत्ति एवं देनदारियों का विभाजन करना है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: बिहार संग बोर्ड-निगम बंटवारे पर सरकार गंभीर