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नेता चुनने से पहले मार्कशीट देखें:राजीव

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ल ने कहा है कि भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के नेतृत्व की कमान मेधावी छात्रों के हाथों में दी जाए। उन्हें पद देने से पहले उनकी माक्र्सशीट देखी जाए। उन्होंने कहा फेल हो चुके लोग हर क्षेत्र में फेल रहते हैं।ड्ढr श्री शुक्ल बुधवार को यहाँ एनएसयूआई के तत्वावधान में आयोजित संगोष्ठी में बोल रहे थे। राहुल गांधी की पहल पर देश के विभिन्न राज्यों में ‘रोशनी: भारत में शिक्षा-उपलब्धियाँ एवं चुनौतियाँ’ विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। लखनऊ की गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय ज्ञान आयोग के अध्यक्ष सैम पित्रोदा को बुलाया गया था। लेकिन वह नहीं आए। फिल्म निर्माता महेश भट्ट भी नहीं आ पाए। पूरी संगोष्ठी एनएसयूआई के सांगठनिक सम्मेलन में तब्दील होकर रह गई।ड्ढr श्री शुक्ल ने कहा कि पं. जवाहरलाल नेहरू ने देश को पाँच आईआईटी दिए। केवल इसी के दम पर भारत दुनिया के शक्ितशाली देशों की कतार में खड़ा होने की होड़ कर रहा है। देश में अगर ऐसे ही 15 आईआईटी खुल जाएँ तो तस्वीर ही दूसरी होगी।ड्ढr उन्होंने गुणवत्तापरक शिक्षा पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के व्यावसायीकरण के बजाए व्यावसायिक शिक्षा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई में पढ़े लिखे और तेज युवाओं को शामिल करना होगा जो कल देश का नेतृत्व संभालेंगे। पर्सनालिटी डेवलपमेंट ट्रेनर जगदीश चन्द्र शुक्ल ने व्यक्ितत्व विकास पर युवाओं को कई टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि अपने जीवन में बहुत व्यस्त लोग आगे नहीं बढ़ पाते। व्यस्त लोगों के आगे बढ़ने की संभावना ही खत्म हो जाती है। ‘अच्छा और आगे की सोचने के लिए जीवन में थोड़ा खाली वक्त भी होना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि नेतृत्व माँगा नहीं जाता आगे बढ़ कर उसे संभाला जाता है।ड्ढr हिन्दी संस्थान में आयोजित इस संगोष्ठी में एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम जावेद, उपाध्यक्ष रोहित चौधरी, दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ की अध्यक्ष अमृता, प्रदेश अध्यक्ष राहुल राय आदि ने भी अपनी बात रखी।

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