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कैदी अब ‘पंच’ बनेंगे

ैदी अब ‘पंच’ बनेंगे। नियम-कायदों का उल्लंघन करने वालों को दंडित करंगे। राज्य सरकार ने ओपन जेल के कैदियों को पंच बनाने के लिए बाकायदा नियमावली बनायी है। इसकी शुरूआत बक्सर ओपन जेल से होगी। इसके तहत ओपन जेल में ‘बंदी पंचायत’ होगी। इसके लिए जेल के भीतर ही चुनाव होगा और वोटर भी कैदी ही होंगे। ओपन जेल की आंतरिक व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए बंदी पंचायत होगी। बंदी पंचायत में सात सदस्य होंगे। उसके सदस्य पंच कहे जाएंगे। पंचायत की अवधि उसके गठन की तिथि से एक वर्ष की होगी।ड्ढr ड्ढr खासबात यह होगी कि पंचायत बंदियों के काम-काज, लोप और अवचार के क्षुद्र व्यवहारों से निपटने के लिए सशक्त होगी। वह दोषी बंदी को जेल के प्रभारी पदाधिकारी के अनुमोदन के तहत अधिरोपित कर सकेगी। मसलन पंचायत संबंधित बंदी पर 200 रुपए का जुर्माना लगा सकेगी या उससे सामान्य उपयोगिता के कार्यो के अतिरिक्त कठिन श्रम करा सकेगी। इसके अलावा संबंधित बंदी का एक महीने का सामाजिक बहिष्कार या उसे देय सुविधाओं में कटौती भी करने का अधिकार पंचायत के पास होगा। इसके अलावा ओपन जेल में कार्य एवं अनुशासन समिति और बंदी सहयोग समिति का भी गठन होगा। ओपन जेल की आतंरिक व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए कई और पहल किए गए हैं। बंदियों को हर दिन सुबह और शाम हाजिरी के लिए तय समय पर मौजूद रहना होगा। जेल के अधीक्षक या कारापाल सप्ताह में कम से कम एक दिन जेल का निरीक्षण करंगे और बंदियों का इंटरव्यू लेंगे।ं

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