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खुली जेल के कैदी ऑफिस भी जाएंगे

ओपन जेल में रहने वाले कैदी ऑफिस भी जाएंगे। जेल के बाहर भी उन्हें नौकरी करने की आजादी होगी। बस सिर्फ उन्हें कार्य स्थल, नौकरी के स्वरूप और नियोजन से जुड़ी जानकारियां जेल के प्रभारी पदाधिकारी को प्रोफार्म पर भरकर देनी होगी। राज्य में बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह नई पहल है। ओपन जेल फिलहाल बक्सर में प्रस्तावित है। राज्य सरकार ने ओपन जेल की नियमावली बना ली है और अब बक्सर में भवन बनते ही इस दायर में आने वाले बंदियों को वहां भेजा जाएगा।ड्ढr ड्ढr जेल प्रशासन ऐसे बंदियों को जीविका चलाने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण भी देगा। खासबात यह होगी कि जेल के भीतर अगर किसी बंदी के लिए कोई काम नहीं होगा तो उसे जेल के पांच किलोमीटर के दायर में काम करने की इजाजत होगी। इसके लिए जेल आईजी की मंजूरी लेनी होगी। हालांकि जेल के बाहर काम करने वाले बंदियों के लिए कुछ शर्ते भी होंगी। उन्हें शाम में हाजिरी के समय या उसके पहले जेल वापस लौटना होगा। जेल के बाहर उन्हें सिर्फ दिन में ही काम करने की इजाजत होगी। जेल के अधिकारी उस स्थल का औचक निरीक्षण भी करंगे जहां बंदी काम करेगा। निरीक्षण के दौरान अगर बंदी कार्य स्थल पर नहीं पाया गया तो अधिकारी उसके विरुद्ध कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होंगे। इतना ही नहीं ओपन जेल से संबंधित कैदी की वापसी और बंद जेल में स्थानांतरित करने की अनुशंसा भी की जा सकती है। साथ ही कैदी के खिलाफ जेल में अपराध करने के मामले में कार्रवाई भी की जाएगी।ं

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