DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

एनजीओ बनाएंगे शहरी गरीबों के शौचालय

खुले में मलत्याग रोकने के लिए शहरी गरीबों के शौचालय अब एनजीओ बनाएंगे। राज्य सरकार द्वारा चयनित एनजीओ परियोजना लागत से 15 फीसदी अधिक रकम पर शौचालयों का निर्माण करंगे। सिर्फ निर्माण ही नहीं उनका संचालन भी उन्हीं के जिम्मे होगा। एनजीओ ही लाभार्थियों का चयन करंगे और उनका बायोमेट्रिक फोटो पहचान पत्र जारी करेंगे। लाभार्थियों का सव्रे भी एनजीओ ही करंगे। स्थानीय निकाय एक वर्ष के भीतर सव्रेक्षित लाभार्थियों की सूची तय करंगे। केन्द्र प्रायोजित अल्प लागत स्वच्छता योजना के तहत शहरों के शुष्क शौचालयों को जलवाही शौचालयों में बदलना है। इसके तहत कमजोर वर्ग के परिवारों के लिए नए शौचालयों का निर्माण भी करना है।ड्ढr ड्ढr योजना में कम लागत की सफाई यूनिटों का निर्माण तथा जहां आवश्यक हो वहां शुष्क शौचालयों को जलवाही शौचालयों में बदलना भी शामिल है। इससे शहरों की सफाई व्यवस्था में गुणात्मक सुधार आयेगा। योजना की सफलता के लिए शुष्क शौचालयों की मौजूदगी के आधार पर लक्ष्य निर्धारित करना है। इसके लिए नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देश पर शहरी स्थानीय निकाय प्रस्ताव देंगे। शहरी विकास अभिकरण इन कार्यो की मानीटरिंग करेगा। इस योजना के लिए केन्द्रांश एवं राज्यांश का अनुपात 5:1 तय किया गया है। शौचालयों की निर्माण राशि एनजीओ को कार्यक्रम क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में दी जाएगी। नगर विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस योजना के सफलतम क्रियान्वयन से सिर पर मैला ढोने की प्रथा को पूर्णत: समाप्त किया जा सकेगा। इसके लिए एनजीओ के चयन में पारदर्शिता बरती जाएगी एवं उनकी कार्यकुशलता को पैमाना बनाया जाएगा।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: एनजीओ बनाएंगे शहरी गरीबों के शौचालय