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वीरू और वार्न नॉकआउट पंच को तैयार

हते हैं वक्त के साथ बहुत कुछ बदल जाता है। यह आईपीएल टूर्नामेंट में भी दिखाई दे रहा है। सोमवार की रात राजस्थान और मुंबई के बीच मैच चल रहा था तो दिल्ली के खिलाड़ी राजस्थान की जीत की दुआ कर रहे थे। 24 घंटे बाद मंगलवार की आधी रात से दिल्ली टीम राजस्थान को ‘नॉकआउट पंच’ मारने की रणनीति बनाने में जुटी है, जिसकी वजह से उसका सेमीफाइनल की वेटिंगलिस्ट में अटका टिकट कंफर्म हो सका था। शुक्रवार की रात मायानगरी की उमस भरी गर्मी में वानखेड़े स्टेडियम में आईपीएल के पहले सेमीफाइनल में दोनों के बीच फाइनल का टिकट कनफर्म कराने के लिए भिड़ंत होगी। दोनों ही टीमों के पास गेंद और बल्ले से ‘फायर’ करने वाले देसी-विदेशी सितारे हैं। फिर भी बाजी किसके हाथ लगेगी? कोई नहीं बता सकता, लेकिन अभी तक के प्रदर्शन के आधार पर टीम राजस्थान का पलड़ा भारी दिख रहा है। बावजूद इसके कि जयपुर के बाहर राजस्थान ने यादातर मैच हारे हैं और बुधवार को अंतिम लीग मैच में टीम पंजाब ने उसके विजय रथ को रोका है। लेकिन इस मैच में कप्तान वार्न न खुद खेले और न ही अपनी पिछली जीतों के हीरो ग्रीम स्मिथ, स्वप्निल असनोदकर जसे बल्लेबाजों और विकेट चटकाने में माहिर खब्बू तेज गेंदबाज सोहेल तनवीर को उतारा। इसलिए इस हार में यादा कुछ नहीं देखना चाहिए। अभी तक जो हुआ सो हुआ। बड़े मैचों में टीमें पूरी ताकत के साथ उतरती हैं और दबाव खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर हावी हो जाता है। इस डर के साये में दोनों टीमें खेलेंगी। दोनों ही टीमों की बड़ी खासियत यह है कि उनके पास एक नहीं अनेक मैच विनर हैं। राजस्थान की सफलता की वजह यह रही है कि, उसके खिलाड़ी बल्ले और गेंद से शुरुआती ओवरों में उतने नहीं चमकते जितने कि मध्य और अंतिम ओवरों में। दूसरी तरफ दिल्ली के बल्लेबाज और गेंदबाज पहले 6 ओवर में पावरप्ले के दौरान जमकर फायर करते रहे हैं। उसके टॉप थ्री बल्लेबाजों में ओपनर गौतम गंभीर, विरेन्दर सहवाग और शिखर धवन ने ही यादातर रन बनाकर टीम की नैया को पार लगाया है। गेंदबाजी में दिल्ली की विशेषता यह रही है कि मैकग्रा शुरू में कम रन देते हैं और बाकी के गेंदबाज जसे अंतिम ओवरों में विकेट झटकने में कामयाब रहते आए हैं। एक रोचक बात यह है कि दोनों ही कप्तान शेन वार्न और विरेन्दर सहवाग लक्ष्य का पीछा करना पसंद करते हैं। यह दर्शाता है कि इन्हे अपने गेंदबाजों से यादा बल्लेबाजों पर भरोसा है। बावजूद इसके कि दिल्ली के पास जहां ग्लेन मैकग्रा, मोहम्मद आसिफ, वी. योमहेश, फरवीज महारूफ और ब्रेट गीब्स जसे सधे हुए तेज और लेग स्पिनर अमित मिश्रा जसे स्पिन गेंदबाज हैं, वहीं राजस्थान के पास सोहेल तनवीर, शेन वॉटसन और सिद्धार्थ त्रिवेदी के अलवा लेग स्पिनर शेन वार्न और ऑलराउंडर यूसुफ पठान हैं। बल्लेबाजी में ग्रीम स्मिथ और स्वप्निल असनोदकर शुरुआत में पारी को संवारने में माहिर हैं तो बाद के लिए वाटसन,पठान और मोहम्मद कैफ हैं। नीरज पटेल और रविन्द्र जडेजा ने दिखा दिया है कि वे किसी से कम नहीं है। इन्होंने जसा जबा मुंबई के खिलाफ दिखाया है उससे वार्न के लिए एकादश का चयन सिरदर्द बन गया है। किसे खिलाएं और किसे बाहर करें? अनिश्चितताओं के खेल क्रिकेट में कब क्या गुल खिलेगा? कोई नहीं बता सकता। लेकिन फिर भी यह उम्मीद की जा रही है कि शुक्रवार को जोरदार मुकाबला देखने को मिलेगा।

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  • Web Title: वीरू और वार्न नॉकआउट पंच को तैयार