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अब दशहरी हुआ ऑनलाइन

अब दशहरी आम ऑनलाइन होनेोा रहा है।ोून के पहले हफ्ते से व्यापारी और निर्यातक ‘सफल नेशनल एक्सचों’ में इसके सौदे कर सकेंगे। इस एक्सचों में वायदा व्यापार नहीं होता है। इसलिएोो भी सौदे होते हैं उसमें बेचने वाले को माल देना पड़ता है और खरीदार को माल लेना पड़ता है। देश का यह पहला एक्सचों हैोो माल को खरीदार के घर तक पहुँचाता है। ऐसा नहीं करने वालों पर पेनाल्टी लगाईोाती है। फिलहाल इस एक्सचों में सात चीाों की खरीद फरोख्त हो रही है।ड्ढr लखनऊ की दशहरी पर हर साल सरकार तमाम बातें करती हैं लेकिन उत्पादकों को कोई लाभ नहीं मिलता है। ऑनलाइन कारोबार से अब व्यापारी और निर्यातक इंटरनेट पर आर्डर देकर इसे खरीद सकेंगे। इसके बाद एक्सचों दशहरी खरीदार तक पहुँचा देगा। इस एक्सचों में हर चीा की डिलवरी का समय और आने वाला खर्च तय होता है। ऐसा होने से व्यापारी और निर्यातक को पता रहेगा उसे माल कब मिलेगा और आगे के सौदे कब ले सकता है।ड्ढr सीता पोर्टफोलियो के कमोडिटी प्रमुख सांय मिश्र के अनुसार सफल एक्सचों में हर सौदे के लिए दस फीसदी मारिन मनी कीोरूरत पड़ती है। बाकी 0 फीसदी पैसा खरीदार को अगले दिन देना पड़ता है। दशहरी में लाट साक्ष एक टन की होगी। यानी कम से कम एक टन दशहरीोरूर खरीदनी पड़ेगी। लेकिन कोई ऊपरी सीमा नहीं है।ड्ढr श्री मिश्र के अनुसार अक्सर शहर की मंडियों में कुछ व्यापारियों का कबा सा होोाता है। यह व्यापारीोो माल मंगाते हैं उसे ही और उनके तय दाम पर ही छोटे व्यापारियों को लेना पड़ता है। लेकिन इस व्यवस्था को ऑन लाइन कारोबार के माध्यम से तोड़ाोा सकेगा। किसी भी शहर के कुछ छोटे व्यापारी चाहें तो एक साथ ऑन लाइन खरीदारी करके माल मँगा सकते हैं। इसके अलावा एक्सचों क्वालिटी की गांरटी देता है। अगर माल उस क्वालिटी का नहीं है तुरंत भरपाई कीोाती है।

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