DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कृषि ऋण राहत व माफी योजनाबैंक 30 जून तक जारी करं प्रमाणपत्र

30 जून तक बैंकों को हर हाल में लघु, सीमांत और अन्य किसानों की ऋण माफी व राहत का प्रमाणपत्र जारी करना होगा। साथ ही बैंकों को असंतुष्ट किसानों के मामलों का निपटारा 30 दिनों के भीतर करना होगा। ये बातें गुरुवार को नाबार्ड के सीजीएम डा. संदीप घोष ने राज्य में कृषि ऋण राहत एवं माफी योजना 2008 पर आयोजित एक कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहीं।ड्ढr ड्ढr इस कार्यशाला में केन्द्र सरकार द्वारा घोषित कृषि ऋण माफी योजना का लाभ कितना और कैसे किसानों तक पहुंचायी जाए इसकी जानकारी राज्य भर के बैंकरों की दी गई। इस योजना के तहत पूर देश में कुल 71,680 करोड़ रुपए के र्का की माफी की जानी है। इसमें कृषि ऋण और उससे संबंधित ऋण शामिल हैं। डा. सेन ने बताया कि बिहार के छह जिलों जिसमें भभुआ, जमुई, नवादा, मधुबनी, रोहतास और सीतामढ़ी शामिल हैं के दो हेक्टेयर से ज्यादा भूमि पर खेती करने वाले किसानों को 20 हाार रुपए की राहत मिलेगी। लेकिन इसके लिए उनकी कुल देय राशि 80,000 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इससे अधिक राशि के लिए 25 फीसदी की राहत दी जाएगी। जिसका भुगतान तीन किस्तों में 30 जून 200तक करना है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार ने इस पूरी कवायद की मॉनीटरिंग के लिए वित्तीय सेवाओं के सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। इस कार्यशाला में भारतीय रिार्व बैंक के एजीएम पिंटू सुतार, एडिशनल रािस्ट्रार कोऑपरटिव सोसायटी एस पी सिंह, नाबार्ड के महाप्रबंधक डा. मदन मोहन मिश्रा और बिहार क्ष्ेात्रीय ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष डा. डीसी सिंह समेत सभी कोऑपरटिव, ग्रामीण और वाणिज्यिक बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: कृषि ऋण राहत व माफी योजनाबैंक 30 जून तक जारी करं प्रमाणपत्र