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सूबे में मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना की हवा निकली

बैंकों के अड़ियल रवैये के कारण सहरसा जिले की अधिकांश छात्राएं मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना लाभ से वंचित है। योजना का हाल यह है कि बीते वित्तीय वर्ष 07-08 के निर्धारित लक्ष्य के एक चौथाई को भी मुश्किल से प्राप्त किया जा सका है। शिक्षा विभाग द्वारा इस जिले की कुल 1छात्राओं के लिए आवंटित 38 लाख 60 हाार की राशि संबंधित 31 स्कूलों में भेजी जा चुकी है। इनमें से कई स्कूल चयनित छात्राओं को दो-दो हाार के चेक भी काट चुके हैं। लेकिन समस्या यह है कि अधिकांश बैंक या डाकघर शून्य से खाता खोलने को तैयार नहीं हो राशि की मांग कर रहे हैं। सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल के अपूर्व हाई स्कूल बलवाहाट के प्रधानाध्यापक को वहां की कोसी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक ने बैरंग वापस लौटा दिया। प्रधानाध्यापक को दस कि.मी. दूर सोनवर्षा कचहरी में इसी बैंक के शाखा प्रबंधक की काफी आराू मिन्नत करनी पड़ी तब जाकर खाता खुला। लेकिन अभी तक इस स्कूल की मात्र दो छात्राएं ही साइकिल ले पायी है। इसी अनुमंडल के कुछ बैंकों के अधिकारी खता खोलने के लिए तीन सौ रुपये नगद जमा करवाने की बात पर अड़े हैं। सहरसा अनुमंडल के कपिलेश्वर-दिलमणि हाई स्कूल धरहारा-मुरादपुर मेंभी अभी तक पासबुक नहीं खुल पाया है। नालंदा जिले में राशि की बंदरबांट का आरोपड्ढr सत्येन्द्र कुमार वर्मा बिहारशरीफड्ढr बालिकाओं को बालकों के समानांतर खड़ा करने की सोच के तहत शुरू की गई मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना का नालंदा में काफी बुरा हाल रहा। हालांकि कुछ विद्यालयों में बांटी गईं साइकिलों की गुणवत्ता की काफी सराहना की गई। अधिकांश प्रखंडों में घटिया साइकिलों के वितरण को लेकर स्थानीय विधायकों के समक्ष छात्राओं व अभिभावकों द्वारा काफी बवाल मचाया गया। उच्च विद्यालय, नूरसराय में घटिया साइकिल वितरण की जांच की मांग की गई। मौके पर उपस्थित जिला शिक्षा पदाधिकारी को विधायक ने जांच का आदेश दिया था। गिरियक के एक उच्च विद्यालय में घटिया साइकिल के वितरण को लेकर छात्राओं व अभिभावकों ने काफी बवाल मचाया। इसी प्रकार, बिहारशरीफ, इस्लामपुर, अस्थावां आदि प्रखंडों के विद्यालयों में भी शिकायतें मिलीं। उच्च विद्यालय, नूरसराय की अलका व ज्योति ने बताया कि सरकार द्वारा राशि बचा ली गई है। जिसके कारण उन्हें खराब साइकिलें दी गई हैं। नाम न छापने के शर्त पर एक शिक्षक बताते हैं कि साइकिल वितरण समारोह में आवभगत पर ही ज्यादा रुपए खर्च हो रहे हैं।ड्ढr ड्ढr बेगूसराय में नहीं खुले छात्राओं के खातेड्ढr विपिन कुमार बेगूसरायड्ढr स्कूलों को बालिका साइकिल योजना की राशि तो मिल गई लेकिन जिले की अधिकांश छात्राओं को अबतक साइकिल की राशि नहीं मिली। कहीं बैंकों में छात्राओं के खाते नहीं खुले हैं तो कहीं कोटेशन को लेकर मामला फंसा है। हालांकि जिला शिक्षा अधिकारी योगेश मिश्र बताते हैं कि 63 हाई स्कूलों की 3 हाार 4 सौ 7छात्राओं के बैंक खाते में बालिका साइकिल योजना की राशि जमा करा दी गई है। शेष 7 स्कूलों की एक हाार 7छात्राओं के बैंक खातों में राशि जमा कराने की प्रक्रिया चल रही है । अधिकांश स्कूलों की छात्राएं अब भी साइकिल से वंचित हैं। जिला शिक्षा अधिकारी बताते हैं कि नौवीं कक्षा की 5 हाार 754 छात्राओं के लिए जिले को बालिका साइकिल योजना मद में 1 करोड़ 15 लाख 8 हाार रुपए मिले थे। छात्राओं की संख्या के अनुपात में सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के खाते में आवश्यक राशि तत्काल जमा करा दी गई थी।

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