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पहले टकराये फिर गले मिले दोनों गुट

मारपीट के बाद अंजुमन इसलामिया और अंजुमन बचाओ तहरीक के बीच समझौता हुआ। अंजुमन प्लाजा में गुरुवार की शाम पांच बजे पुलिस प्रशासन के पहल पर दोनों कमेटी के सदस्यों के बीच बैठक हुई। इसमें दोनों गुटों की ओर से पांच-पांच लोग शामिल हुए। अंजुमन इसलामिया के अध्यक्ष हाजी नेसार के नेतृत्व में हाजी सरवर आलम, हाजी माशूक, एनामुल्ला और मौलाना उबैदुल्लाह कासमी बैठक में शामिल हुए। वहीं तहरीक के संयोजक जमील अख्तर के नेतृत्व में हाजी असलम, रिंकू मैनेजिंग कमेटी के सह सचिव सरफुद्दीन खान शामिल थे। बैठक रांची सीओ आसिफ करीम और बेड़ो बीडीओ परवेज हयात की अध्यक्षता में हुई।ड्ढr अंजुमन के उपाध्यक्ष एनामुल ने कहा कि एक छह सदस्यीय अध्यक्ष मंडली का गठन किया जाये। इसमें दोनों ओर से तीन-तीन लोगों को अध्यक्ष बनाया जाये। वही अंजुमन इसलामिया का चुनाव कराये। इस प्रस्ताव पर दोनों कमेटी के लोगों ने सहमति दी। हालांकि हाजी असलम ने इसका विरोध किया, लेकिन समझाने-बुझाने के बाद वे माने। इस प्रस्ताव पर तहरीक के जमील खान ने कहा कि बिहार सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा गठित मैनेजिंग कमेटी और तहरीक की बैठक 30 मई को हिंदपीढ़ी स्थित मदीना मसजिद में होगी। इसमें इस प्रस्ताव को रखा जायेगा। निर्णय के बार में शुक्रवार को ही इसकी सूचना अंजुमन इसलामिया के पदाधिकारियों को दी जायेगी। तभी हाजी नेसार ने कहा कि ठीक है, जो भी फैसला होगा इसकी जानकारी देने के बाद शुक्रवार को ही दोनों कमेटी के बीच वार्ता होगी। जो निर्णय होगा सर्वमान्य होगा।तहरीक ने की मारपीट की निंदाअंजुमन बचाओ तहरीक के संयोजक जमील खान ने कहा है कि दिन के 11 बजे तहरीक के लोग अंजुमन कार्यालय पहुंचे। तहरीक के लोगों के हाथों में गुलाब का फूल था। शांतिपूर्ण ढंग से उन लोगों से चार्ज मांगने गये थे, तभी पता चला कि थोड़ी देर पहले मैनेजिंग कमेटी के लोगों को अंजुमन के हाजी नेसार अगरबत्ती और अन्य लोगों के साथ मारपीट की है। उसमें मैनेजिंग कमेटी के उपाध्यक्ष और मारवाड़ी कॉलेज के प्रिसिंपल जावेद अहमद के साथ अंजुमन के लोगों ने मारा है। इस घटना की उन्होंने निंदा करते हुए कहा है कि किसी भी मसले का हल मारपीट नहीं है।

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