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दलित छात्रों के सपनों में भी अब रंग

बिहार के दलित और महादलित छात्र देश के प्रसिद्ध शिक्षा संस्थानों में बिहार की नई पहचान गढ़ रहे हैं। इन छात्रों में समाज के हाशिये पर रहे मेहतर, पासी, धोबी, मोची और दुसाध जाति के बच्चे शामिल हैं। बिहारियों के लिए यह सुखद बात है कि मेहतर जाति से आने वाले राजीव कुमार इंडियन स्कूल ऑफ इन्फार्मेशन टेक्नालॉजी इलाहाबाद में पढ़ते हैं। राज्य सरकार बिहार से बाहर पढ़ने वाले दलित छात्रों के आंकड़े इकट्ठा करा रही है।ड्ढr ड्ढr नई छवि और पहचान देने वाले छात्रों में अनुसूचित जाति की बेटियां भी हैं और समाज के सबसे निचले समुदायों आने वाले बिहारी बेटे भी शामिल हैं। इन संस्थानों में देश के प्रसिद्ध एनआईटी हो या दिल्ली कॉलेज ऑफ इांीनियरिंग या फिर सिपेट, बीआईटी मेसरा, आईआईएम धनबाद, निफ्ट जसे नामी-गिरामी शिक्षण संस्थान हों, हर जगह इन छात्रों ने अपने साथ-साथ सूबे की भी नई पहचान बनानी शुरू कर दी है।ड्ढr बिहार से बाहर जाकर पढ़ने वाले छात्रों की संख्या हमेशा काफी रही है। देश का कोई शिक्षण संस्थान नहीं है,ाहां बिहारी बच्चे नहीं मिलेंगे, लेकिन उसमें नया बदलाव यह आया है कि अब दलित छात्र भी नामी-गिरामी संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं। नीतीश सरकार ने दलित छात्रों के सपनों में नया रंग भरने की दिशा में सकारात्मक योगदान देने का सिलसिला शुरू किया है।ड्ढr नीतीश सरकार इन दलित छात्रों को छात्रवृति देती है। यह चौंकने की बात नहीं है कि मध्य प्रदेश स्कूल ऑफ लाइ्रफ साईंसेज देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर में पढ़ने वाली पुष्पांजलि कुमारी पासी जाति से हैं। रखा कुमारी बंगलोर इंस्टीच्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीा कालेज आफ इांीनियरिंग बंगलुरू में पढ़ती हैं। रुपाली बीएचयू में पढ़ती हैं तो मोची जाति से आने वाली रखा कुमारी बीआईटी सिंदरी धनबाद में पढ़ती हैं। इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स में अनुसूचित जाति के छात्र रविराज पढ़ते हैं तो कौटिल्य इंस्टीच्यूट ऑफ टेक्नालॉजी में कृष्णचंद्र दिवाकर पढ़ते हैं। दिवाकर मोची जाति से आते है तो रविराज धोबी जाति से।ड्ढr बिहार सरकार ने देा वित्तीय वर्षों में सिर्फ पटना जिले में अनुसूचित जाति के 131छात्रों को बाहर पढ़ने के लिए छात्रवृति दी हैं। छात्रों की सूची देखने से साफ पता चलता है कि अब बिहार के साथ दलितों को हेय दृष्टि से देखने का जमाना गुजर गया है और बड़ी तेजी से नीचे के पायदान पर खड़ी जातियों के बच्चे भी करवट बदल रहे हैं।

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