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गार्ड ने कहा था- मोबाइल घर ही छूट गया

तमाड़ के पास आइसीआइसीआइ बैंक के पैसे लूटने की घटना के तत्काल बाद गार्ड ने कहा था कि उसका मोबाइल घर पर ही छूट गया था। पत्नी और बच्चों से जब पुलिस ने पूछताछ की, तो पता चला कि गार्ड हरदम मोबाइल अपने पास रखता है। घटना के दिन भी मोबाइल उसके पास था। गार्ड ने ही गाड़ी को उस स्थान पर रुकवाया, जहां से नक्सलियों के गढ़ सलगाडीह की ओर रास्ता जाता है। गार्ड सागर ठाकुर गाड़ी में ही अपनी राइफल छोड़कर सड़क की दूसरी ओर चला गया। जब नक्सलियों ने धावा बोला, तो वह वर्दी खोलकर भाग खड़ा हुआ। घटना के तत्काल बाद उसने पुलिस से कहा कि ऐसा लग रहा था कि कोई पीछा कर रहा है। पुलिस ने जब जानना चाहा कि ऐसी स्थिति में उसी स्थान पर गाड़ी क्यों रोकी गयी, जहां से सलगाडीह का रास्ता कटता है, तो गार्ड चुप हो गया। घटना के बाद पुलिस असमंजस में थी कि यह आपराधिक घटना है अथवा नक्सली घटना, लेकिन गार्ड पूर आत्मविश्वास के साथ कह रहा था कि वे नक्सली ही थे। लुटेर जब वर्दी में नहीं थे, तो उसे कैसे पता चला कि वे नक्सली ही हैं। ऐसे कई तथ्य हैं जिससे स्पष्ट होता है कि गार्ड की मिलीभगत से ही घटना को अंजाम दिया गया है। गाड़ी चालक विनय सिंह का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। अब पुलिस उस व्यक्ित का पता लगा रही है जिससे घटना के दिन और उससे पहले भी गार्ड ने मोबाइल पर लगातार संपर्क बनाये रखा था। रुपया बरामद करने के लिए छापामारी अभियान लगातार जारी है।ड्ढr

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