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चावल मिलों का मामला : कार्रवाई नहीं होने से केन्द्र नाराज

बिहार में लेवी गड़प कर जाने वाली चावल मिलों पर कार्रवाई नहीं होने से केन्द्र सरकार गरम है। कृषि, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री शरद पवार ने इस बाबत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपनी चिन्ता जाहिर की है। यही नहीं केन्द्रीय खाद्य सचिव ने भी लेवी नहीं दे रहे मिलर्स पर कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। हरकत में आते हुए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने तमाम जिलों से मिलर्स के खिलाफ कार्रवाई का हिसाब मांगा है ताकि केन्द्र को वस्तुस्थिति से अवगत कराया जा सके।ड्ढr ड्ढr चावल मिलों से न्यूनतम 50 हजार टन लेवी वसूली का लक्ष्य है जबकि 4004टन लेवी मिल गयी है। राज्य में पहले कभी भी इतनी लेवी नहीं मिली थी। हालांकि खरीफ मौसम में पर्याप्त लेवी वसूली की संभावना को देखते हुए वर्तमान प्रदर्शन को भी असंतोषजनक माना गया है। राज्य की तमाम चावल मिलों के लिए अपने कुल उत्पादन का 40 प्रतिशत हिस्सा भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को बतौर लेवी देना अनिवार्य है।ड्ढr ड्ढr सूत्रों की मानें तो बिहार में कम से कम एक लाख टन लेवी चावल की वसूली हो सकती है। यही वजह है कि विभाग की 10 अप्रैल को हुई राज्यस्तरीय बैठक में पूर राज्य में एक भी मिलर्स के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा गरमाया रहा था। भोजपुर के डीएसओ को लेवी वसूली नहीं होने को लेकर जबरदस्त फटकार भी पड़ी थी।ड्ढr ड्ढr भागलपुर के डीएसओ को भी दागी मिलर्स के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया था। अब जबकि केन्द्र ने भी मिलर्स के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट तलब कर दी है तो विभाग ने सभी जिलों को लेवी वसूली आदेश का पूर्णतया पालन करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का फरमान जारी कर दिया है।

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