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अमर सिंह की याचिका पर सुनवाई टली

गोमतीनगर स्थित विपुलखण्ड में एक भूखण्ड आवंटन मामले से सम्बन्धित सपा के राष्ट्रीय महासचिव की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी। याचिका में उन्होंने अनियमितता की जाँच के लिए नियुक्त एसआर लाखा के नियुक्ित आदेश को रद करने की माँग की थी। याचिक२ा पर दो जून को सुनवाई सम्भावित है। इस बीच अमर सिंह अदालत में स्वयं चार घण्टे तक मौाूद रहे। दूसरी ओर हाईकोर्ट के निर्देश पर मुख्य न्यायिक मजिस्टट्र डा. बाल मुकुन्द ने निदेशक होम्योपैथ डा. बीएन सिंह के खिलाफ 31 मई के लिए जमानती वारन्ट जारी किया है।ड्ढr न्यायमूर्ति एएन वर्मा तथा न्यायमूर्ति सबीहुल हसनैन की पीठ के सम्मुख याचिका में कहा गया है कि उनके नाम विपुल खण्ड गोमतीनगर में भवन सं. 213 आवंटित है। राय सरकार ने याची के भवन आवंटन में अनियमितता का आरोप लगाते हुए गत 21 अप्रैल को इसकी जाँच के लिए प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन एसआर लाखा को जाँच अधिकारी नियुक्त कर दिया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सत्ता पक्ष की मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक सम्बोधन में याची को गिरफ्तार कराने की बात कही है। इसी दुर्भावना के चलते श्री लाखा को पूर्व नियोजित ढंग से जाँच अधिकारी नियुक्त किया गया है। दूसरी ओर स्वयं श्री लाखा के खिलाफ कम कीमत पर प्लाटों के आवंटनबिक्री का आरोप है।ड्ढr उच्च न्यायालय में श्रीमती रामा निगम की ओर से दायर अवमानना अर्जी में न तो डॉक्टर सिंह व्यक्ितगत रूप से उपस्थित हुए और न ही उनकी ओर से कोई जवाब दाखिल किया। जिसके चलते उच्च न्यायालय ने डॉक्टर सिंह को वारण्ट के जरिए तलब किया है। सीडी मामले में 28 जुलाई तक जेलड्ढr लखनऊ। नकली सीडी का कारोबार करने के मामले में आरोपित लवली उर्फ राजेन्द्र सिंह, विक्की एवं दिलवार को शुक्रवार को यहाँ गिरोहबन्द अधिनियम के विशेष न्यायाधीश के.पी. त्रिपाठी की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सभी आरोपितों को गिरोहबन्द के आरोप में न्यायिक अभिरक्षा में लेकर 28 जुलाई तक जेल भेज दिया। ड्ढr

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