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इस्लाम आतंकवाद का सबक नहीं देता

इस्लाम आतंकवाद का सबक नहीं देता है। बिहार सहित देशभर के किसी मदरसे में बच्चों को आतंकवाद की शिक्षा नहीं दी जाती। मदरसे को आतंकवादी संस्थान के रूप में पेश करना या इन पर किसी तरह का संदेह करना पूरी तरह गलत है। प्रदेश राबता मदारिसे इस्लामिया, अरबिया के अध्यक्ष मो. कासिम ने ये बातें शुक्रवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहीं।ड्ढr ड्ढr उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में मुस्लिमों की छवि को बिगाड़ने के लिए एक सोची-समझी साजिश चल रही है। इसी साजिश को नाकाम करने के लिए पहली जून को राबता के बैनर तले श्रीकृष्ण मेमारियल हॉल में ऑल बिहार आतंकवाद विरोधी सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस सम्मेलन की अध्यक्षता दारुल उलूम देवबंद के उस्ताद हारत मौलाना सैय्यद अरशद मदनी करंगे। साथ ही मौलाना सैय्यद कारी मो. उस्मान, मौलाना शौकत अली, बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड के प्रशासक आचार्य किशोर कुणाल, सेवानिवृत आईएएस अधिकारी शंकर सदन के अलवाा इमारत-ए-शरिया के अमीर-ए-शरियत हारत मौलाना नजामुद्दीन, नाएब अमीर-ए-शरियत मौलाना वली रहमानी व मौलाना समीं जाफरी, शमीम मुनअमी, पद्मश्री कलीम आजिज सहति कई लोग सम्मेलन को संबोधित करंगे।ड्ढr ड्ढr मो. कासिम ने कहा कि दारुल उलूम देवबंद के जरिये शुरू किए गए इस आन्दोलन को देशभर में चलाया जाएगा। ताकि लोगों को इस बात का इल्म और यकीन हो जाए कि इस्लाम में एक व्यक्ित की हत्या करना पूरी इंसानियत की हत्या करना है।उन्होंने कहा कि देश तथा दुनिया में कहीं भी कोई आतंकवादी घटनाएं होती हैं तो उसे सीधे मुसलमानों से जोड़ दिया जाता है। सरकार तथा प्रशासन को चाहिए कि वह बिना जांच किए किसी को गिरफ्तार न करं। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी मासूमों के खून को बहाने का प्रयास कर उसे कड़ी से कड़ी से सजा दी जाए । लोगों को यह भी चाहिए कि वे दूसर के मानवाधिकार का हनन न करं।

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