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पुरानी पूरी नहीं, सिंचाई की नयी स्कीम पर काम शुरू

सिंचाई की पुरानी योजना पूरी हुई नहीं, नयी चोरी-चुपके शुरू कर दी गयी। इससे सीओबीटी से काम शुरू करने वाली योजनाओं पर सवाल उठने लगे हैं। मामला जल संसाधन विभाग का है। विकास आयुक्त एके सिंह ने विभाग की एक दर्जन से अधिक एसी योजनाओं को काम रोक दिया। इससे सिचाई-ालाशय परियोजनाओं के काम के बंद होने की नौबत आ गयी है। संपूर्ण मामले की फाइल सीएम के पास भेजी गयी है।ड्ढr जानकारी के मुताबिक सरकार ने पहले लघु सिंचाई योजनाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया था। लेकिन इस वर्ष 600 करोड़ की कुल सिंचाई योजना आकार में लघु सिंचाई के लिए 100 करोड़ तथा 478 करोड़ बड़ी और मध्यम के लिए तय किया गया है। 150 करोड़ की रैसा एवं तजना जलाशय योजना की शुरुआत की गयी है। बीते साल इसे नयी योजना में शामिल करने के प्रस्ताव को योजना विभाग द्वारा अस्वीकृत कर दिया गया था। इस बार इसे सीओबीटी में डाल काम प्रारंभ कर दिया गया है। योजना विभाग ने जलसंसाधान विभाग की विभिन्न योजनाओं क ो धन की कमी के चलते शामिल नहीं कराने की बात कही थी।ड्ढr सभी योजनाओं के लिए 10 हाार करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। 11वीं पंचवर्षीय योजना में 2 हाार करोड़ रुपये सिचाई के लिए निर्धारित की गयी है। योजना विभाग द्वारा नयी योजनाओं की समीक्षा करने पर कई विसंगतियां पायी गयी है। इस विकास आयुक्त ने सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि विभिन्न योजनाओं में समस्याएं हैं। इसे पहले सुलझाया जाये उसके बाद राशि खर्च की जाये। उन्होंने विभाग की निर्देश दिया है कि चालू वर्ष के लिए जितने भी योजनाएं विभाग ने ली है उसकी प्रशासनिक स्वीकृ ति सक्षम स्तर से पहले ली जाये। श्री सिंह का कहना है कि पांच करोड़ से अधिक की योजनओं पर कैबिनेट का अनुमोदन आवश्यक है। पूर्व से चली आ रही योजनाओं को पूरा कराये बगैर नयी योजना प्रारंभ कराने पर कई सवाल उठाये गये। पहले तजना और रैसा योजना के लिए योजना विभाग में प्रस्ताव आया था। अस्वीकृति के बाद तत्कालीन विकास आयुक्त के द्वारा सीधे सीओबीटी में शामिल कराया गया। पांच करोड़ रुपये से अधिक की योजना की प्रशासनिक स्वीकृति पर योजना एवं वित्त विभाग तथा कैबिनेट की सहमति आवश्यक है। इन दोनों योजनाओं को योजना विभाग से बगैर स्वीकृत कराये ही प्रारंभ कराया गया है।ड्ढr ड्ढr गड़बड़ी नहीं: सचिवड्ढr जल संसाधन सचिव डीके तिवारी का कहना है कि नयी योजनाओं को प्रारंभ करने में कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। राज्य की आवश्यकता के लिए जरूरी सिंचाई परियोजना को चालू किया गया है। तजना और रैसा जलाशय योजना के लिए तत्कालीन विकास आयुक्त के माध्यम से स्वीकृति ली गयी थी। योजना विभाग की स्वीकृति के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं है।

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