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नए ठिकाने के लिए ज्योतिषियों की शरण में ज्ञानेंद्र

नेपाल के पूर्व नरेश ज्ञानेन्द्र तख्तो ताज छिनने के साथ ही राजमहल छोड़ने का फरमान मिलने के बाद अब नए घर की तलाश के लिए योतिषियों से सलाह-मशविरा कर रहे हैं। स्थानीय अखबार नया पत्रिका के अनुसार ज्ञानेन्द्र योतिषियों की सलाह पर जुलाई से पहले राजमहल छोड़ना नहीं चाहते। योतिषियों के मुताबिक जुलाई तक उनके ऊपर ग्रहों की वक्र नजर रहने के कारण उनका समय सही नहीं चल रहा है। इसके मद्देनजर उन्हें जुलाई तक राजमहल नारायणहिती में ही रहने की सलाह दी गई है। गौरतलब है कि नेपाल में राजतंत्र के 240 साल का इतिहास इस बात का गवाह है कि राजमहल में राष्ट्रहित से जुड़े सभी महत्वपूर्ण निर्णय ग्रहों और नक्षत्रों की चाल के मुताबिक ही लिए गहालांकि नवनिर्वाचित संविधान सभा में गत 28 मई को पूर्ण बहुमत से राजतंत्र समाप्त कर गणतंत्र घोषित किए जाने के साथ ही नरेश ज्ञानेन्द्र को 15 दिन के अंदर राजमहल खाली करने को कहा गया था। स्थानीय मीडिया के अनुसार ज्ञानेन्द्र अपने लिए नए घर की तलाश में हैं। हालांकि उनके पुत्र पारस और उनका परिवार पहले से ही एक निजी मकान में रहने के लिए चले गए हैं।

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