DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कृषि ऋण माफी योजना अमल शीघ्र : एसबीआई

वित्त मंत्री पी चिदंबरम द्वारा संसद में घोषित किसानों की ऋण माफी योजना पर भारतीय स्टेट बैंक शीघ्र अमल शुरू करेगा। बैंक की ग्रामीण व्यवसाय समिति के अध्यक्ष एवं केन्द्रीय बोर्ड निदेशक डा. देवानंद बलोधी ने यह कहा। उन्होंने कहा किरिजर्व बैंक के निर्देशानुसार सभी वाणियिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक एवं सहकारी समितियां ऋण माफी योजना पर जल्द कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि ऋण माफी योजना में 31 मार्च 1से 31 मार्च 2007 तक जारी कृषि ऋणों को शामिल किया गया है। यह योजना उन सभी कृषि ऋणों पर लागू होगी, जो फसलों के उत्पादन हेतु अल्पकाल के लिए बैंकों से लिये गए। इनमें वे कर्ज भी शामिल हैं, जो कुओं की खुदाई, पंप सेट लगाने, ट्रेक्टर या बैल खरीदने अथवा भूमि सुधार हेतु लिये गए। कृषि से संबंध व्यवसाय जैसे पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन, भेड, मधुमक्खी और मछली पालन तथा बायो गैस के लिए प्राप्त किए गए ऋणों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। डा. बलोधी ने बताया कि रिजर्व बैंक के दिशा निर्देशों के मुताबिक लघु एवं सीमांत किसानों के अलावा 5 एकड़ से अधिक भूमिधारी किसानों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। किसान क्रेडिट कार्ड के अंतर्गत लिये गए ऋण भी इसमें शामिल किए गए हैं। जिन किसानों ने 50 हजार रपए तक का ऋण प्राप्त किया है, उन्हें लघु एवं सीमांत किसानों के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा और 50 हजार रुपए से अधिक के ऋण लेने वाले किसानों को अन्य किसानों की श्रेणी में रखा जाएगा। लघु एवं सीमांत किसानों के कृषि ऋण पूरी तरह माफ कर दिए जाएंगे, जबकि पांच एकड़ से अधिक भूमिधारी किसानों के लिए -एकबारगी निपटान योजना- लागू होगी। इसमें उनके बकाया कर्ज की 25 प्रतिशत राशि माफ कर दी जाएगी और शेष धनराशि तीन किश्तों में सितंबर 2008, मार्च 200तथा जून 200तक जमा करानी होगी। स्टेट बैंक निदेशक के मुताबिक ऋण माफी योजना के अंतर्गत प्रत्येक बैंक दो सूची तैयार करेगा। एक लघु एवं सीमांत किसानों की होगी तथा दूसरी सूची -अन्य किसानों- की, जिनके पास 5 एकड़ से अधिक भूमि है। ये सूचियां प्रत्येक बैंक की शाखा में 30 जून 2008 से पहले पटल पर लगा दी जाएंगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: ऋण माफी योजना अमल शीघ्र : एसबीआई