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देश में नया राजनीतिक मोर्चा बनाने पर जोर

यूपीए सरकार को समर्थन दे रहे वामपंथी घटक फारवर्ड ब्लाक ने कहा है कि कांग्रेस व भाजपा के खिलाफ देश में फौरन तीसरा विकल्प या मोर्चा तैयार हो जाए तो वाम दल आगामी चुनाव के पहले कांग्रेस के खिलाफ उभर रहे असंतोष को अपने पक्ष में भुना सकते हैं। फारवर्ड ब्लाक महासचिव देबव्रत विश्वास ने शनिवार को यहां कहा कि कर्नाटक के परिणामों के डर से कांग्रेस को आंख मूंद कर समर्थन देते रहने के बजाय वाम पार्टियों को अपनी ऊ र्जा देश में नया विकल्प खड़ा करने में लगानी चाहिए। बिस्वास ने हिंदुस्तान से कहा कि लेफ्ट पार्टियों ने यूपीए सरकार को समर्थन सांप्रदायिक ताकतों को सत्ता से बाहर रखने के लिए दिया था, लेकिन कर्नाटक समेत प्रदेशों में कांग्रेस का रिसता जनाधार हमें इस बात पर चिंतन करने को बाध्य कर रहा है कि सांप्रदायिकता ताकतें पहले से अधिक मजबूत हो रही हैं। नया राजनीतिक मोर्चा बनाने की जरुरत पर जोर देते हुए बिस्वास ने कहा है कि इसके बनने से असंतोष का रुख कांग्रेस से भाजपा की ओर नहीं बल्कि तीसरे विकल्प की ओर मुड़ेगा। तेल के दाम बढ़ाने की सूरत में सरकार से समर्थन न हटाने के माकपा के रुख पर भाकपा हैरान है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इससे ऐसा संदेश जा रहा है कि यूपीए सरकार को अगले आम चुनाव तक चलाना वाम पार्टियों की मजबूरी है। फारवर्ड ब्लाक का मानना है कि पेट्रोल डीजल का सरकारी दुरुपयोग कम हो जाए तो इससे तेल की खपत में काफी कमी आएगी और सरकारी फिजूलखर्ची भी कम होगी। बिस्वास मानते हैं कि सबसे पहले केंद्र व राय सरकारों के मंत्रियों, केंद्र व राय सरकारों के उपक्र मों व सरकारी अफसरों की कारों के अमले में कटौती होनी चाहिए। उनका कहना है कि सिर्फ स्टेट्स सिंबल के लिए सरकारी वाहनों का लंबा -चौड़ा काफिला सीमित कर दिया जए तो तेल की फिजूल खर्ची रोकने का असर पूरे समाज पर असर पड़ेगा।

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