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सत्ता पर चाहिए पूर्ण नियंत्रण : प्रचंड

नेपाल में राजतंत्र की समाप्ति और देश को गणतंत्र घोषित किए जाने के बाद नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने स्पष्ट स्वरों में सत्ता पर पूर्ण कब्जे के इरादे का इजहार किया है। माओवादी अध्यक्ष प्रचंड ने अपनी पार्टी के खिलाफ कथित रूप से विरोधी मानसिकता वाली रिपोर्टिंग करने पर देश के प्रमुख मीडिया संगठन को चेतावनी दी है। वहीं, एनसीपी (माओवादी) की युवा इकाई यंग कम्युनिस्ट लीग ने कानून अपने हाथ में नहीं लेते हुए किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया है। प्रचंड ने शुक्रवार को आयोजित एक विशाल रैली में सत्ता की राह में कथित रूप से अडं़गा लगाने के लिए नेपाली कांग्रेस (नेकां) और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत माक्र्सवादी-लेनिनवादी) अर्थात नेकपा (एमाले) की आलोचना की और देश को साम्यवादी गणतंत्र बनाने के इरादे का इजहार किया। उन्होंने नेकां और नेकपा (एमाले) को राष्ट्रपति और अन्य महत्वपूर्ण पद हासिल करने की कोशिशों के प्रति आगाह करते हुए कहा कि जनता ने इन लोगों को उनकी हैसियत बता दी है। इसलिए उन्हें अपनी हदें पहचाननी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी की प्रधानमंत्री और संविधान सभा के अध्यक्ष पद के लिए नेकां और नेकपा (एमाले) के साथ कभी कोई सहमति नहीं बनी थी। माओवादी नेता ने दावा किया कि हालांकि उन्होंने कार्यकारी प्रधानमंत्री का प्रस्ताव रखा था, जिसको राष्ट्र प्रमुख का दर्जा भी हासिल हो। लेकिन माओवादियों को अन्य पार्टियों का राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति बनाए जाने का प्रस्ताव मानना पड़ा। अगर उनका प्रस्ताव माना नहीं होता तो 28 मई को देश गणतंत्र नहीं बनता। प्रचंड ने हालांकि यह भी कहा कि माओवादी अभी भी राष्ट्रपति के चुनाव के बारे में विचार-विमर्श को तैयार हैं और संविधान निर्माण में सभी दलों को साथ लेकर चलना चाहते हैं, लेकिन किसी ने इसमें अडं़गा डाला तो फिर आंदोलन होगा।

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