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तृणमूल का माकपा का विकल्प बनने का सपना

पश्चिम बंगाल में मुख्य विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में माकपा को धक्का मिलने के बाद उपजी स्थिति का पूरा लाभ उठाने में जुट गई है। माकपा विरोधी ‘लहर’ से उत्साहित पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने अब अगले वर्ष होनेवाला लोकसभा चुनाव भी कांग्रेस व भाजपा से समान दूरी बरतते हुए लड़ने का संकेत दिया है। उन्होंने ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत में क हा कि दोनों दलों से समान दूरी बरतने के कारण ही पंचायत चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को इतनी यादा सीटें मिलीं। भाजपा के साथ गठजोड़ करने पर मुस्लिम मतदाता बिदक जाते थे और कांग्रेस के साथ रहने पर तृणमूल की माकपा विरोधी छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था क्योंकि कांग्रेस केंद्र में माकपा का समर्थन लिए हुए है। तृणमूल कांग्रेस को लगता है कि पंचायत चुनाव वाली ‘हवा’ लोकसभा चुनाव में भी जारी रहेगी। यदि वही स्थिति कायम रही तो वाममोर्चे को 11 संसदीय सीटों से हाथ धोना पड़ेगा।

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  • Web Title: तृणमूल का माकपा का विकल्प बनने का सपना