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कोल इंडिया का एक आदेश 17 साल बाद

भी कई कोयला कंपनियों में लागू नहीं हो पाया। इसका निर्णय जेबीसीसीआइ-4 के स्टेनड्राक्षेशन कमेटी की अगस्त 10 को संटोरिया में हुई बैठक में हुआ था। तत्कालीन मेंबर सेक्रेट्री यूके चौबे ने 27 सितंबर 1ो सभी कंपनियों के सीएमडी को यह आदेश भेजा था।ड्ढr इसमें मैट्रिक योग्यतावाले अनुकंपा, मेडिकल अनफिट और भूमि के बदले बहाल लोगों को क्लर्क बनाने की बात कही गयी थी। ऐसे लोगों में स्नातक योग्यतावाले मिलने पर उसे प्राथमिकता देना था। आदेश के मुताबिक क्लर्क के लिए चुने जानेवालों को एक साल की ट्रेनिंग देनी है। सफलतापूर्वक इसे पूरा करने पर उन्हें क्लर्क ग्रेड-3 के पद पर नियमित करना है। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें कैटेगरी-1 का वेतन देना है। इसकी सूचना द झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन के महासचिव सनत मुखर्जी ने चेयरमैन पार्थ भट्टाचार्य को भी दी। यह सुन कर वे आवाक रह गये। इसे सख्ती से लागू करने के लिए पुन: निर्देश जारी करने की बात उन्होंने कही। स्टेनड्राक्षेशन कमेटी में श्रमिक संगठन के प्रतिनिधि भी होते हैं।ड्ढr भ्रम फैलानेवालों को तमाचाड्ढr एटक के जेबीसीसीआइ सदस्य लखनलाल महतो ने कहा कि राव कमेटी की रिपोर्ट अधिकारी और कामगारों में भ्रम फैलानेवाले कथित नेताओं के मुंह पर करारा तमाचा है। ऐसे नेता न्यूनतम 51 हाार और 27 हाार दिलाने की बात कर एकता को तोड़ने का प्रयास कर रहे थे।ड्ढr इइ का प्रभार मिलाड्ढr सीसीएल के जनसंपर्क प्रमुख एसके सिंह को महाप्रबंधक (अधिकारी स्थापना) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस पद पर रही रीता सिन्हा 31 मई को रिटायर हो गयीं। उन्हें भावभीनी विदाई भी दी गयी।ड्ढr प्रतियोगिता चार कोड्ढr सीएमपीडीआइ के गोंदवाना क्लब के तत्वावधान में चार जून को बच्चों के लिए पोस्टर और लेख प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है।

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