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खाने की तरह आर्डर पर मिल रहा बीमा प्लानखाने की तरह आर्डर पर मिल रहा बीमा प्लान

होटल में मनपंसद खाने का आर्डर देने ौसा चलन आाकल बीमा बार में तेाी पर है। बीमा कंपनियाँ अब निश्चित प्लान बेचने कीोगह लोगों कीोरूरत पर ध्यान दे रही हैं। अब लोगों से पूछाोाता है कि उनकीोरूरत क्या है और फिर उस तरह का प्लान मिनटों में तैयार।ड्ढr आमतौर पर लोगों कीोरूरत बच्चों की पढ़ाई, फिर उनकी शिक्षा और अंत में अपने रिटायरमेंट की होती है। बीच में बीमारी होने पर इलाा का खर्च तो हर कोई चाहता ही है। यानीोितने लोग उतनीोरूरतें। ऐसे में बीमा कंपनियों ने अनोखा रास्ता निकाल लिया है। अब कंपनियाँ लोगों से उनकीोरूरत पूछती हैं, और वह इनोरूरतों के लिए कितना प्रीमियम दे सकते हैं यहोानती हैं। बस इसके बाद सारा काम कंप्यूटर पर छोड़ दियाोाता है। कंप्यूटर मिनटों में कई प्लान तैयार कर देता है। अब इनमें से चुनने की बारी लोगों की होती है।ड्ढr मैक्स न्यूयार्क के पार्टनर इंचरा वी. डी. सचदेवा का मानना है बार में कुछ समय बाद सिर्फोरूरत के हिसाब से बनने वाले बीमा प्लान ही बिकेंगे। इसके अनुसार मैक्स न्यूयार्क ने एक सॉप्टवेयर तैयार किया है। इसमें लोगों से उनकी आय और उनकीोिम्मेदारियों को लेकर कुछोानकारी डालीोाती है। फिर पता चलता है कि उस व्यक्ित को कितना और किस तरह का बीमा कवर लेना चाहिए। श्री सचदेवा के अनुसार एक सी आमदनी वाले दो लोगों की बीमाोरूरत अलग-अलग होती है। इनके अनुसार बार मे अब ऐसे बीमों की संख्या काफी तेाी से बढ़ रही हैोो लोगों कीोरूरत के हिसाब से तैयार किएोाते हैं।ड्ढr श्री सचदेवा के अनुसार समय के साथ-साथ लोगों कीोरूरतें भी बदल रही हैं। ऐसा होने से पूर बीमा क्षेत्र में बड़े बदलाव आ रहे हैं। उनमें से ऐसी पॉलसियों कीोरूरत नम्बर एक पर है।विनय कुमार मिश्र लखनऊ होटल में मनपंसद खाने का आर्डर देने ौसा चलन आाकल बीमा बार में तेाी पर है। बीमा कंपनियाँ अब निश्चित प्लान बेचने कीोगह लोगों कीोरूरत पर ध्यान दे रही हैं। अब लोगों से पूछाोाता है कि उनकीोरूरत क्या है और फिर उस तरह का प्लान मिनटों में तैयार।ड्ढr आमतौर पर लोगों कीोरूरत बच्चों की पढ़ाई, फिर उनकी शिक्षा और अंत में अपने रिटायरमेंट की होती है। बीच में बीमारी होने पर इलाा का खर्च तो हर कोई चाहता ही है। यानीोितने लोग उतनीोरूरतें। ऐसे में बीमा कंपनियों ने अनोखा रास्ता निकाल लिया है। अब कंपनियाँ लोगों से उनकीोरूरत पूछती हैं, और वह इनोरूरतों के लिए कितना प्रीमियम दे सकते हैं यहोानती हैं। बस इसके बाद सारा काम कंप्यूटर पर छोड़ दियाोाता है। कंप्यूटर मिनटों में कई प्लान तैयार कर देता है। अब इनमें से चुनने की बारी लोगों की होती है।ड्ढr मैक्स न्यूयार्क के पार्टनर इंचरा वी. डी. सचदेवा का मानना है बार में कुछ समय बाद सिर्फोरूरत के हिसाब से बनने वाले बीमा प्लान ही बिकेंगे। इसके अनुसार मैक्स न्यूयार्क ने एक सॉप्टवेयर तैयार किया है। इसमें लोगों से उनकी आय और उनकीोिम्मेदारियों को लेकर कुछोानकारी डालीोाती है। फिर पता चलता है कि उस व्यक्ित को कितना और किस तरह का बीमा कवर लेना चाहिए। श्री सचदेवा के अनुसार एक सी आमदनी वाले दो लोगों की बीमाोरूरत अलग-अलग होती है। इनके अनुसार बार मे अब ऐसे बीमों की संख्या काफी तेाी से बढ़ रही हैोो लोगों कीोरूरत के हिसाब से तैयार किएोाते हैं।ड्ढr श्री सचदेवा के अनुसार समय के साथ-साथ लोगों कीोरूरतें भी बदल रही हैं। ऐसा होने से पूर बीमा क्षेत्र में बड़े बदलाव आ रहे हैं। उनमें से ऐसी पॉलसियों कीोरूरत नम्बर एक पर है।

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  • Web Title: खाने की तरह आर्डर पर मिल रहा बीमा प्लानखाने की तरह आर्डर पर मिल रहा बीमा प्लान