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बिहार ने दूसर राज्यों को पीछे छोड़ा

बड़े अस्पतालों में एड्स की जानकारी व जांच केन्द्र खोलने के मामले में बिहार ने अन्य राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। सूबे के 63 जिला एवं अनुमंडल अस्पतालों में स्वैच्छिक परामर्श एवं जांच केन्द्र (वीसीटीसी) खोल दिये गये हैं। इसके साथ ही प्रदेश के दो मुफ्त दवा एवं परामर्श केन्द्र (एआरटी सेन्टर) और दो सामुदायिक केन्द्र भी एचआईवी एड्स पीड़ितों को लाभ पहुंचा रहे हैं। अब तक पूर सूबे में कुल 1641एचआईवी संक्रमितों की पहचान की गई है। इन केन्द्रों पर 1.23 लाख लोगों को परामर्श दिया गया है जिसमें 67 हजार पुरुष एवं 56 हजार महिलाएं हैं। इनमें से 0 हजार लोगों की एचआईवी जांच की गई है।ड्ढr ड्ढr स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों के बीच एचआईवीएड्स की जागरुकता एवं जांच सुविधा का विस्तार करने की कार्रवाई जारी है। सूबे के एचआईवीएड्स प्रभावित आठ संवेदनशील जिलों - पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चम्पारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मधुबनी, खगड़िया, किशनगंज एवं पूर्णिया के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (पीएचसी) में एचआईवी जांच केन्द्र स्थापित किये गये हैं। इससे प्रखंड स्तर पर एचआईवी की पहचान एवं जांच में आसानी हो गई है। पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल एवं मुजफ्फरपुर स्थित श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एआरटी केन्द्र चल रहे हैं। इन केन्द्रों से कुल 15एड्सपीड़ितों व्यक्ितयों को दवाएं उपलब्ध करायी गई। एचआईवी के संभावित व्यक्ितयों के अवसरवादी संक्रमणों के इलाज के लिए दो सामुदायिक केन्द्र भी सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं। मोकामा स्थित नाजरथ अस्पताल एवं मुजफ्फरपुर स्थित सेक्रेड हार्ट के न्द्र पर ऐसे संक्रमितों के इलाज की नि:शुल्क व्यवस्था की गई है।

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