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डॉक्टरों की हड़ताल-मरीचा बेहाल

डॉक्टरों की हड़ताल के चलते शनिवार को राजधानी में चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हुईं। रिम्स को छोड़ अन्य अस्पतालों और क्िलनिकों में इलाज के लिए पहुंचे सैकड़ों मरीाों को निराश लौटना पड़ा। आंदोलित कांट्रैक्ट डॉक्टरों के समर्थन में आइएमए का आह्वान पर सरकारी डॉक्टरों के साथ-साथ निजी प्रैक्िटस करनेवाले चिकित्सक भी शनिवार को एक दिन की हड़ताल रहे। हालांकि रिम्स और सदर अस्पताल में वैकल्पिक व्यवस्था की गयी थी, इसलिए यहां हड़ताल का खास प्रभाव नहीं दिखा।ड्ढr रांची के प्राइवेट नर्सिग होम, रिम्स और सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने उनके समर्थन में काम नहीं किया। यहां तक कि हड़ताल में शामिल डॉक्टरों ने प्राइवेट प्रैक्िटस भी नहीं की। इस बीच कांट्रैक्ट डॉक्टर 31 मई को आधी रात से बेमियादी हड़ताल पर चले गये हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस बीच आइएमए के राज्य सचिव डॉ आरसी झा ने कहा कि डॉक्टरों की हड़ताल पूर राज्य में सफल रही।आइएमए सचिव डॉ आरसी झा के अनुसार राज अस्पताल, गुरुनानक अस्पताल, छोटानागपुर नर्सिंग होम, अमित मुखर्जी, डॉ एम आलम, डॉ शोभा चक्रवर्ती एवं डॉ एसएन चौधरी के नर्सिग होम में डॉक्टर सामूहिक अवकाश पर रहे। हालांकि रांची के सिविल सर्जन डॉ श्याम सुंदर सिंह ने कहा कि चिकित्सा व्यवस्था पर हड़ताल का कोई असर नहीं है।ड्ढr ं

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