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धर्मनिरपेक्ष शब्द के संवैधानिक प्रयोग पर रोक लगे : राजनाथ

र्नाटक की जीत से उत्साहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने धर्मनिरपेक्षता की वकालत करने वाले राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा है कि धर्मनिरपेक्ष शब्द का संवैधानिक प्रयोग बंद कर दिया जाना चाहिए। सिंह ने संसदीय सौंध में शुरू हुई पार्टी की दो दिन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का उद्घाटन करते हुए पार्टी नेताआें और कार्यकर्ताआें से अगले लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने और लोकसभा में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी को प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बिठाने का संकल्प लेने का आह्वान किया, साथ ही धर्मनिरपेक्ष शब्द का संवैधानिक प्रयोग बंद करने की मांग कर उन्होंने नई बहस छेड़ने का प्रयास किया। हिंदुत्व के मुद्दे को फिर से उभारने के प्रयास में भाजपा का विरोध करनेवाले धर्मनिरपेक्ष दलों पर निशाना साधते हुए सिंह ने कहा कि अंग्रेजी के सेक्युलर शब्द का हिंदी अनुवाद धर्मनिरपेक्षता नही बल्कि पंथ निरपेक्षता होता है। पंथ किसी विशेष आस्था, विश्वास, पूजा पद्धति और ईश्वर के किसी विशेष स्वरूप के प्रति समर्पित होने का प्रतीक होता है जबकि धर्म शाश्वत और सनातन जीवन मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विधि एवं न्याय मंत्रालय ने भी संविधान की प्रस्तावना का जो हिंदी अनुवाद किया है उसमे भी सेक्यूलर शब्द का अर्थ पंथनिरपेक्षता लिखा गया है।

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  • Web Title: ‘धर्मनिरपेक्ष शब्द के प्रयोग पर रोक लगे’