अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सिंगुर पहुंची टाटा की ‘नैनो’

टाटा की लखटकिया नैनो यहां पहुंच चुकी है। हालांकि यह करीब तीन सप्ताह पहले ही यहां पहुंची, लेकिन उसके आगमन को स्वाभाविक कारणों से काफी छिपा कर रखा गया। नैनो परियोजना पर काम कर रहे कंपनी के सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र से चार लखटकिया कारें यहां मंगाई गइर्ं, जिनसे सिंगुर कारखाने में काम करने वाले इंजीनियरों को नैनो टेक्नोलॉजी में प्रशिक्षित किया जाएगा। उम्मीद है कि आने वाले दुर्गापूजा तक ये कारें सड़कों पर दौड़ने लगेंगी। सूत्रों के अनुसार, ये चारों कारें पिंपरी स्थित टाटा मोटर्स बाडी बिल्डिंग प्लांट से मंगाई गईं। पिंपरी पुणे के पास स्थित है। सिंगुर के एक वरिष्ठ इंजीनियर ने कहा कि ये कारें फिलहाल यहां के आंशिक तौर पर निर्मित टीसीएफ प्लांट में रखी गई हैं। जब फैक्टरी में काम चालू हो जाएगा तो इन कारों के सारे कल-पुर्जो को कस कर इन्हें पूरी तरह तैयार किया जाएगा। इन कारों के कल-पुर्जे कई बार खोले और कसे जाएंगे ताकि यहां के इंजीनियर अच्छी तरह से समझ लें कि कार को कैसे बनाया जाना है। इंजीनियरों के अनुसार, टाटा मोटर्स के अधिकारियों ने कंपनी के सिविल कांट्रैक्टर शपूरजी-पल्लोनजी को टीसीएफ प्लांट को निर्धारित समय से पहले पूरा करने को कहा है। इसके लिए 30 जून की समय सीमा रखी गई है ताकि काम शुरू किया जा सके। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि समय की कमी के कारण सभी कंपनी कर्मियों की छुट्टियां निर्धारित समय सीमा तक के लिए रद्द कर दी गई हैं। सूत्रों ने कहा कि कंपनी ने अंदरुनी तौर पर समय सीमा अगस्त में रखा है इसलिए कार दुर्गापूजा तक बाहर आ सकती है। जसाकि टाटा के चेयरमेन रतन टाटा ने कहा है निर्धारित तिथि को दिवाली तक बढ़ाया जा सकता है। हालांकि टाटा मोटर्स के प्रवक्ता देबाशीष राय इस संबंध में सवालों के जवाब देने से बचते नजर आए। चार कारों के लाने के बारे में पूछने पर टेलीफोन पर उन्होंने कहा, ‘यह संभव है। ये व्यावसायिक फैसले हैं और इनमें कुछ भी असामान्य नहीं है।’ उन्होंने कहा कि हम अपने कैलेंडर के अनुसार काम कर रहे हैं और दिवाली के आसपास कार आ सकती है।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: सिंगुर पहुंची टाटा की ‘नैनो’