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अमेरिका ने माना, पाक से हैं मतभेद

अमेरिकी विदेश विभाग ने स्वीकार किया है कि आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई को लेकर अमेरिका और पाकिस्तान के बीच कुछ मतभेद हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता रॉबर्ट वुड ने रविवार को एक ब्रीफिंग में इस स्वीकारोक्ित के साथ यह भी कहा कि हम आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में पाकिस्तान के साथ काम करना चाहते हैं। अमेरिका अब भी पाकिस्तान की उसके प्रयासों में हर संभव सहायता कर रहा है, जिसे आगे भी जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि संघ शासित कबीलाई क्षेत्र (फाटा) में सक्रिय आतंकवादियों से निपटना काफी जटिल मसला है जिस पर दोनो सहयोगियों के बीच कुछ मतभेद हैं। एक प्रश्न के जवाब में वुड ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ चल रही इस जंग में कैसे आगे बढ़ा जाए इसको लेकर समय-समय पर दोनों देशों में मतभेद उभरते रहते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश के बीच इस मुहिम को लेकर अधिकांश मुद्दों पर सहमति है, लेकिन किसी पेचीदा और बहुत जटिल मसले पर दोनों के बीच मतभेद होना सामान्य बात है। वुड ने मीडिया की उन रिपोर्टो का खंडन किया, जिनमें कहा गया था कि इस्लामाबाद में अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत रिचर्ड हॉलब्रुक और सवर्ोच्च सैन्य कमांडर एडमिरल माइक मुलेन की पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ हुई मुलाकातों के दौरान दोनों देशो के बीच मतभेद उभरकर सामने आए थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि हॉलब्रुक और एडमिरल मुलेन की पाकिस्तानी अधिकारियों से मुलाकात बहुत ही अच्छी रही। प्रवक्ता ने उन रिपोटर्ो को भी गलत बताया, जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के मुखिया लेफ्टिनेंट जनरल शुजात पाशा ने अमेरिकी अधिकारियों से अकेले में मिलने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि अमरीकी अधिकारियों की लेफ्टिनेंट जनरल पाशा और पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी से मुलाकात हुई थी। वुड ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि अफगानिस्तान सरकार देश में मेल मिलाप की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए और तालिबान के नेताआें से सीधे बातचीत की बजाए उनसे बात शुरू करे जो हिंसा का रास्ता छोड़ने को तैयार हैं।ं

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  • Web Title: अमेरिका ने माना, पाक से हैं मतभेद