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एमवीआई उम्मीदवार नई परेशानी में

भारी वाहन लाइसेंस के संबंध में मांगी गयी जानकारी से कॉन्ट्रैक्ट पर बहाल होने वाले मोटर यान निरीक्षक (एमवीआई) उम्मीदवार नयी परशानी में घिर गये हैं। आवेदकों से यह पूछा गया है कि उन्होंने किस तिथि को लाइसेंस का आवेदन और फीस जमा कराया था। जिन आवेदकों को जिला परिवहन कार्यालयों से पत्र मिला है, तिथि याद करते-करते उनके होश उड़े हुए हैं। पूर प्रमाण के साथ ब्योरा सात दिनों में नहीं देने पर लाइसेंस रद्द कर देने की चेतावनी दी गयी है। आवेदकों का कहना है कि जो जानकारी डीटीओ ने मांगी है, वह उनके कार्यालय के रिकॉर्ड में तो मौजूद होगी ही।ड्ढr ड्ढr दरअसल लाइसेंस के आधार पर उसके जारी होने की तिथि तो बताना आसान है लेकिन पांच से दस वर्ष पहले किस तिथि को आवेदन दिया गया या फीस जमा करायी गयी, यह बताना असंभव है। सूत्रों के अनुसार डीटीओ ने भारी वाहन लाइसेंस के लिए लर्निग लाइसेंस बनाने की तिथि और जारी करने वाले कार्यालय का ब्योरा लर्निग लाइसेंस की छायाप्रति के साथ मांगी है। आवेदकों को भारी वाहन का प्रशिक्षण देने वाले ड्राइविंग स्कूल का प्रमाणपत्र भी पेश करना होगा। राज्य में एमवीआई के 5पदों पर स्थाई बहाली का मामला चार वर्षो से अटका हुआ है। एमवीआई की कमी की समस्या से निबटने के लिए विभाग द्वारा एक-एक एमवीआई को तीन-तीन जिलों का अतिरिक्त प्रभार देकर काम चलाया जा रहा है।ं

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