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वार्ड न. 25: सफाई ढूंढते रह जाओगे

50 हाार की आबादी में 75 फीसदी वीआईपी लेकिन गंदगी ऐसी जसे कूड़े का डंपिंग यार्ड हो। नागेश्वर कॉलोनी में सांसद रविशंकर प्रसाद के मकान से पहले मुख्य सड़क से लेकर गलियों तक में कूड़े का अंबार लगा है। निगम के स्थायी सफाईकर्मी भी अपनी मर्जी के मालिक हैं। महीने में तीन बार सफाई करने आते हैं। लोग सड़क पर ही कूड़ा फेंकते हैं। मुहल्लेवासियों ने आरोप लगाया कि सफाई निरीक्षक की मिलीभगत से दैनिक सफाईकर्मियों के नाम पर सिर्फड्ढr राशि की बंदरबांट होती है। मात्र पीएनटी कॉलोनी में ही सफाई करायी जाती है।ड्ढr ड्ढr हालांकि स्थानीय पार्षद ने इस आरोप को झूठा करार दिया। उन्होंने बताया कि दस सफाईकर्मी हैं। लेकिन उनके नाम पूछे जाने पर अपने सहयोगियों की मदद से किसी तरह आठ कर्मियों के नाम बता पाये। सात स्थायी सफाईकर्मियों में एक का कोई अतापता नहीं है। इस संबंध में नूतन राजधानी अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि मामले की जांच करायी जायेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। कविरमण पथ, श्रीकृष्णानगर व आईएएस कॉलोनी में बीच सड़क पर दर्जनों मैनहोल खुले हैं। 25 फीसदी सकड़ों की हालत खराब है। कहीं भी कूड़ा केंद्र नहीं है। इलाके में कुल छह पार्क हैं लेकिन एक भी विकसित नहीं है। गर्मी में श्रीकृष्णा नगर, नागेश्वर कॉलोनी, किदवईपुरी आदि मुहल्लों में पेजयल की भीषण समस्या उत्पन्न हो जाती है। छह जनवितरण प्रणाली की दुकान व दो आंगनबाड़ी केंद्र सफेद हाथी है। राय जी की गली, नागेश्वर कॉलोनी, व पीएनटी के आसपास गरीब बसे हैं। झोपड़पट्टियों में न पीने को पानी है न खाने को अन्न। वार्ड में झोपड़पट्टियों की बहुलता के बावजूद एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं है। बरसात में जलजमाव से नारकीय स्थिति हो जाती है। श्रीकृष्णानगर के रोड नं. आठ व सात से जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। भूगर्भ नाले हमेसा जाम रहता हैं। पुराना ड्रेनेज व सीवरेज लाइन नाकाम है।

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