DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बीजिंग ओलंपिक में भारतीय मकईबारी चाय

बीजिंग में होने वाले ओलंपिक में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी और दुनिया भर से आई मशहूर हस्तियां भारत के एक चाय बागान की चाय का मजा लेंगे। उत्तर बंगाल के पहाड़ पर बसे छोटे लेकिन लोकप्रिय टूरिस्ट स्पॉट कर्सियांग से सटे मकईबारी चाय एस्टेट ने एक बार फिर यह साबित किया है कि इस बागान से निकली चाय का दुनिया भर में कोई जवाब नहीं। बीजिंग ओलंपिक के आयोजकों ने चाय का उत्पादन करने वाली दुनिया की कुछ मशहूर कंपनियों बागानों को आमंत्रित कर उन्हें अपने उत्पादनों को दूसरे से बेहतर साबित करने का मौका दिया था। चाय के चुनिंदा ब्रांड में से बीजिंग ओलंपिक आयोजकों को सर्वश्रेष्ठ चाय का चुनाव करना था। मकईबारी चाय बागान के फैक्ट्री मैनेजर संजय मुखर्जी ‘हिन्दुस्तान’ से बताते हैं कि मकईबारी चाय बागान के दो चाय ब्रांड (सिल्वर टिप्स इम्पीरीयल और व्हाइट टी) का मजा बीजिंग ओलंपिक के दौरान खिलाड़ी और अन्य प्रतिनिधि ले सकेंगे। मुखर्जी कहते हैं कि बीजिंग में मकईबारी चाय ने दुनिया की सबसे मंहगी चाय होने का भी रिकार्ड बनाया है। बीजिंग ओलंपिक आयोजकों ने मकईबारी की सिल्वर टिप्स इम्पीरीयल 50,000 रुपये प्रति किलो की रिकार्ड दर से खरीदी है। माना जा रहा है कि इस चाय बागान की व्हाइट टी इससे भी मंहगी बिकी (करीब 1लाख रुपये प्रति किलो) है लेकिन मुखर्जी इसे कंपनी नीति का हवाला देकर बताना नहीं चाहते। करीब 700 एकड़ में बसे और 1857 में स्थापित मकईबारी टी एस्टेट के वर्तमान मालिक राजा बनर्जी हैं। हाल ही में कैंब्रिज यूनविर्सिटी ने मकईबारी चाय और उन पर एक शोधपत्र तैयार किया है। इस सिलसिले में वे फिलहाल इंग्लैंड और अमेरिका के दौरे पर हैं। संजय मुखर्जी कहते हैं कि इस बागान के यादातर चाय की खपत विदेशों में होती है और केवल 10 प्रतिशत हिस्सा बागान की रीटेल शॉप के जरिए बेचा जाता है। हर साल करीब 1,20,000 किलो चाय का उत्पादन होता है और औसतन प्रति किलो चाय की कीमत 18,000 रु है। अमेरिका में रहने वाले संजय उपाध्याय का पूरा परिवार कर्सियांग से छुट्टी मनाकर लौटते हुए मकईबारी टी एस्टेट की फैक्र्ट्ी के बाहर बने कंपनी आउटलेट से चाय खरीदने में व्यस्त है।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: बीजिंग ओलंपिक में भारतीय मकईबारी चाय