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ज्ञानेंद्र अगले हफ्ते छोड़ देंगे महल!

नेपाल के पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र ने सरकार को वचन दिया है कि वह अगले सप्ताह नारायणहिती राजमहल खाली कर देंगे। गृहमंत्री कृष्णा प्रसाद सितौला ने यह जानकारी दी है। पूर्व नरेश की नारायणहिती महल से सुरक्षित निकासी के लिए सोमवार को गृहमंत्री कृष्ण प्रसाद सितौला की अगुवाई में वरिष्ठ अधिकारियों के एक दल ने महल में उनसे बातचीत की। नेपाल को पिछले सप्ताह गणराय घोषित किये जाने और राजमहल सरकार के हवाले के करने का आदेश जारी होने के बाद यह पहला मौका है, जब ज्ञानेंद्र ने राजमहल छोड़ने के बारे में सरकारी अधिकारियों से चर्चा की। गृहमंत्री ने करीब डेढ़ घंटे चली बातचीत के बाद बताया कि ज्ञानेंद्र ने अगले सप्ताह राजमहल खाली करने पर सहमति जताई है। सितौला ने दावा किया कि पूर्व नरेश बातचीत के दौरान गुस्से में नहीं आए और ऐसा कोई संकेत नहीं दिया कि वह सरकार का आदेश नहीं मानेंगे। सितौला के अनुसार, पूर्व नरेश ने कहा कि लोग अफवाहों पर विश्वास न करें कि वह राजमहल से शाही सामान वगैरह बाहर ले गए हैं और कोई भी दस्तावेज नष्ट किया है। गृहमंत्री ने कहा कि पूर्व नरेश ने एक सामान्य व्यक्ित की तरह बातचीत की और मैंने राजशाही की समाप्ति के फैसले के बाद उनमें बड़ा बदलाव देखा। गौरतलब है ज्ञानेंद्र को नई सरकार ने 12 जून तक राजमहल खाली करने का आदेश दे रखा है। हालांकि कुछ वरिष्ठ मंत्री प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोइराला से अनुरोध कर रहे हैं कि वह बीती बातंे भुलाकर उस संस्था के प्रति उदार रवैया अपनाएं, जिसने नेपाल पर करीब 240 बरस तक राज किया। शांति एवं पुनर्निर्माण मंत्री राम चंद्र पौडेल ने कोइराला से अनुरोध किया है कि राजपरिवार को जब तक उचित आवास नहीं मिल जाता, तब तक किसी अन्य महल में रहने की इजाजत दें।ड्ढr शनिवार को नरेश के प्रधान सचिव ने पीएम से ोंट कर राजमहल खाली करने के लिए राज परिवार को कुछ मोहलत देने का अनुरोध किया था। उधर, रविवार को पूर्व माओवादी छापामारों ने एक अन्य महल के बाहर साईनबोर्ड लगा दिया जिस पर लिखा था- यह संघीय लोकतांत्रिक गणराय नेपाल की संपत्ति है।

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