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29 जनवरी, 2021|5:25|IST

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डिहाइड्रेशन: पानी ही बचाव

डिहाइड्रेशन: पानी ही बचाव

गर्मी के मौसम में न सिर्फ उमस और पसीना, बल्कि लू लगना, डिहाइड्रेशन और सनस्ट्रोक जैसी तमाम दूसरी समस्याओं से भी लोग परेशान रहते हैं। जानते हैं कि इस सीजन की सामान्य बीमारी डिहाइड्रेशन के बारे में कि इससे कैसे निजात पाएं और इससे दूर रहने के लिए क्या करें।

हमारे शरीर के वजन के 70 प्रतिशत हिस्से में पानी है। इस लिहाज से हम यह सोच सकते हैं कि स्वस्थ रहने के लिए पानी हमारे लिए कितना जरूरी है। अगर शरीर में पानी की कमी हो जाए तो उसे डिहाइड्रेशन यानी निर्जलीकरण कहा जाता है। खासकर गर्मी में होने वाली यह समस्या कई बार जानलेवा भी साबित होती है।

डिहाइड्रेशन क्या है
शरीर से जब अत्यधिक मात्रा में तरल पदार्थ खत्म हो जाता है तो उस स्थिति को डिहाइड्रेशन कहा जाता है। गर्मी में शरीर से पानी की कमी के कई कारण है, जैसे बहुत पसीना आना, उल्टी एवं दस्त के लक्षण वाले रोग जैसे गैस्ट्रोइंटेराइटिस। इसके अलावा कुछ बीमारियां जैसे लू लगना, तेज बुखार इत्यादि से भी शरीर में  डिहाइड्रेशन की समस्या हो जाती है। 

क्या-क्या खतरे हो सकते हैं
डिहाइड्रेशन को अगर देर तक नजरअंदाज किया जाए तो जीवन के लिए खतरनाक भी साबित हो सकता है। एक शोध के अनुसार भारत में प्रतिवर्ष डिहाइड्रेशन के कारण 15 लाख लोगों की मौत होती है। डिहाइड्रेशन की समस्या न केवल बच्चों में, बल्कि बड़ों के लिए भी घातक साबित हुई है। अत: इसका इलाज समय रहते करना बेहद जरूरी होता है, ताकि स्थिति गंभीर न हो। अधिक गर्मी के दिनों में डिहाइड्रेशन से ग्रस्त व्यक्तियों को दिल का दौरा पड़ने की आशंका बहुत अधिक होती है।

क्या हैं इसके लक्षण
मुंह सूखना।
आंखों का धंस जाना।
कमजोरी व चक्कर आना।
मूत्र कम और पीले रंग का होना।
त्वचा ठंडी एवं झुरियांयुक्त हो जाना।
शरीर का तापमान कम हो जाना।
छोटे बच्चों में खोपड़ी के ऊपर का कोमल हिस्सा अंदर की तरफ धंस जाना।
अत्यधिक मुंह सूखना और बार-बार पानी मांगना

कैसे पहचानें
डिहाइड्रेशन के रोगी की पेट की त्वचा को चुटकी से दबा कर छोड़ें और उसे ध्यान से देखें। वह धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौटती है, जबकि स्वस्थ व्यक्ति में त्वचा को चुटकी मे दबा कर छोड़ने पर वह जल्द ही एकदम पहले जैसी हो जाती है। डिहाइड्रेशन वाला रोगी उपचार के अभाव में बेहोश जाता है और सदमे की स्थिति में भी पहुंच सकता है। यहां तक कि रोगी को हॉस्पिटल में भर्ती भी कराना पड़ सकता है।

क्या है इलाज
सबसे पहले शरीर में पानी की कमी को दूर करने के लिए पानी एवं खनिज की पूर्ति कराना जरूरी होता है। इसके लिए घरेलू पेय लिए जा सकते हैं। आम पन्ना, कच्चे दूध की पतली लस्सी, नारियल पानी, बेल का शरबत, शिकंजी, छाछ या फिर दवा की दुकानों पर मिलने वाले ओआरएस को थोड़ी-थोड़ी देर में रोगी को देना चाहिए। डिहाइड्रेशन को कभी भी हल्के में न लें। कई बार डिहाइड्रेशन बहुत मामूली होता है, जिससे लोग उसे नजरअंदाज करते हैं, लेकिन बाद में यह घातक बन सकता है।

इन बातों का रखें ध्यान
दस्त एवं उल्टी की बीमारी में पानी के साथ शरीर से जरूरी खनिज जैसे नमक, पोटैशियम इत्यादि भी निकल जाते हैं, इसीलिए रोगी को सादा पानी न दें। दिए जाने वाले पेय पदार्थ भी संभव हो सके तो उबले हुए पानी से ही बनाएं।

हॉस्पिटल में भर्ती कराना है जरूरी
अगर डिहाइड्रेशन से ग्रस्त रोगी बेहोश हो जाए तो उसे तुरंत हॉस्पिटल में भर्ती कराएं, क्योंकि ऐसे में रोगी को तत्काल आईवी फ्लूइड इंजेक्शन के जरिए चढ़ाने की जरूरत पड़ सकती है।

यह भी आजमाएं
ठेलों पर बिक रही खाने की चीजों से दूर रहें और तला-भुना, ज्यादा मिर्च-मसाले वाला भोजन न करें। देर तक खुले में रखे सामान में बैक्टीरिया पनप जाते हैं, जो पेट में जाकर संक्रमण फैलाते हैं।
घर से बाहर निकलते समय पानी की बोतल रखना न भूलें। इस मौसम में पानी में ग्लूकोज मिला कर रखें। यह आपको डिहाइड्रेशन से बचाएगा।
गर्मी के दिनों में अधिक से अधिक पेय पदार्थ पीना चाहिए।
बाजार में खुले में बिकने वाले खाद्य-पदार्थो से परहेज करें।

तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाएं
तरल पेय पदार्थों की मात्रा अधिक करें। कोल्ड ड्रिंक्स की जगह ताजे फलों का रस, नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ आदि पीने से शरीर को स्फूर्ति के साथ-साथ भरपूर ऊर्जा भी मिलेगी। साथ ही शरीर को पर्याप्त मात्रा में मिनरल्स और विटामिंस मिलेंगे। ज्यादा गर्मी से शरीर को पानी का जो नुकसान होता है, आप उससे भी बच पाएंगे।

नींबू-पानी का सेवन
नींबू-पानी विटामिन-सी का एक अच्छा स्त्रोत है। इसकी मदद से हमारे शरीर में विटामिन सी पहुंचता है, जो हमारी प्रतिरोधक क्षमता को ठीक रख कर हमें सेहतमंद बनाए रखता है। डिहाइड्रेशन के कारण शरीर में हुई कमी को पूरा करने में नींबू पानी सहायक है। नींबू में पोटेशियम अच्छी मात्रा में होता है, जो न केवल हमारे दिमाग को दुरुस्त रखता है, बल्कि रक्त दाब को भी काबू में रखता है।

नारियल पानी
गर्मी से बचने के लिए नारियल पानी बहुत फायदेमंद है। नारियल पानी में विटामिन, इलेक्ट्रोलाइट्स और मिनरल भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर का तापमान नियंत्रित करने में सहायक हैं। यही नहीं, नारियल पानी का उपयोग डिहाइड्रेशन, एसिडिटी, अल्सर, उल्टी आदि समस्याओं के इलाज में भी किया जाता है। यह हाइपरटेंशन, मधुमेह और किडनी स्टोन के मरीजों के लिए भी लाभदायक है।

आम पना
आम पना कच्चे आमों और चीनी से बनाया जाता है। इसमें स्वाद के अनुसार चीनी, नमक और हल्का जीरा मिलाया जाता है। यह हृदय रोगी, टीबी, एनीमिया, हैजा जैसी बीमारियों में बहुत लाभदायक है। इसमें सोडियम, जिंक और विटामिन सी होता है, जो पानी की कमी को पूरा करता है और नई रक्त कोशिकाओं को बनाने में भी मदद करता है।
(मूलचंद मेडसिटी के कंसलटेंट (इंटरनल मेडिसिन) डॉं. श्रीकांत शर्मा से बातचीत पर आधारित)

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