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दलित की रसोई तक चाा पहुँचीं प्रियंका

अपने दलित एोंडे पर राहुल फिर फ्रंटफुट पर खेले। वह अमेठी में क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल देखने आए थे लेकिन अपनी बहन प्रियंका के साथ दलित परिवारों के घर हमदर्दीोताने पहुँच कर उन्होंने पूरे गाँव का दिलोीत लिया। प्रियंका भी सिर पर पल्ला रख सीधा दलित घर की रसोई तक पहुँच गईं। आटा पीसने वाली चक्की के पासोमीन पर बैठकर प्रियंका ने घर की औरतों से उनका दुख बाँटा। दलित महिलाओं ने प्रियंका को 20 हाार रुपए का चेक भी दिखायाोोोिला प्रशासन उन्हें रविवार रात अँधेर में दे गया था।ड्ढr रााीव गांधी ग्रामीण क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मैच शुरू होने से पहले राहुल गांधी सोमवार को कोचित गाँव पहुँच गए। उनके साथ प्रियंका, उनके पति राबर्ट बढेरा और शाहरुख खान की क्रिकेट टीम की टी-शर्ट पहने बेटा रहान भी था। बीती 26 मई को ट्रैक्टर ट्राली पलटोाने से कोचित गाँव की तीन दलित महिलाओं की मौत हो गई थी। इस दुर्घटना में एक लड़के की भीोान गई थी। हादसे में कई दलित घरों के र्दानों लोग घायल भी हुए थे।ड्ढr सोमवार को राहुल के इंताार में वहाँोितने लोग बैठे थे उनमें किसी के सिर पर पट्टी बँधी थी तो किसी के हाथ पर प्लास्टर था। राहुल बाहर बैठे लोगों से मिलने लगे। प्रियंका सीधे एक दलित महिला के घर के भीतर चली गईं। प्रियंका ने घर की महिलाओं से हादसे के बार में पूछा। उन्होंने इलाा और अस्पताल के खर्च के बार में भी सवाल किए। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के बार में भी बात की। कच्ची मिट्टी की काली पड़ी दीवार देखकर प्रियंका ने घर की औरतों से पूछा कि क्या घर में कभी आग लगी थी? गरीब महिलाओं ने बताया कि उनके घर में चूल्हे पर लकड़ी व कंडे से खाना बनता है,ोिसके धुएँ से घर की सारी दीवारें काली हो गई हैं। घर के बाहर राहुल गांधी के बैठने के लिए कुर्सियाँ लगी थीं लेकिन राहुल घुटने के बल बैठकर दलितों से बतियाने लगे। उन्होंने भी हादसे के बार में पूरीोानकारी ली। राहुल ने मृतकों के परिवारीान मिट्ठूलाल,ोोखूराम और बृामोहन से अलग-अलग बात की। इस दौरान प्रियंका के पति राबर्ट बढ़ेरा अलग गमगीन खड़े थे। बेटा रहान अलग खड़ा कभी अपने पिता तो कभी एसपीाी के लोगों से बात कर रहा था। गाँव में मातमपुरसी का यह दृश्य नन्हे रहान के लिए एकदम नया था।ड्ढr राहुल गांधी के कोचित गाँव पहुँचने से पहले सुलतानपुरोिले के अफसरों ने वहाँ घेराबंदी कर रखी थी। श्री गांधी के गाँव पहुँचने की खबर लगने के बादोिला प्रशासन मृतकों के परिवारों की मदद के लिए चेक लेकर पहुँचा। तीनों दलित महिलाओं के पतियों को समाा कल्याण विभाग की ओर से 20-20 हाार रुपए के चेक दिए। चौथा मृतक नाबालिग था इसलिए उसके घरवालों को कोई मदद नहीं मिली।

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  • Web Title: दलित की रसोई तक चाा पहुँचीं प्रियंका