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पटना में सेटेलाइट टाउनशिप

पटना में बहुप्रतीक्षित सेटेलाइट टाउनशिप के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। टाउनशिप विकसित करने के लिए आईएलएफएफ का चयन किया गया है। आईएलएफएल की अनुषंगी संस्था आईआईडीसी ( इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरशन लिमिटेड) दस महीने के अन्दर टाउनशिप का विस्तृत खाका सरकार के समक्ष प्रस्तुत करगी। पटना सिटी बायपास (एनएच-30) से पुनपुन नदी तक (पटना-मसौढ़ी रोड) और पटना गया रलवे लाईन से सटे पटना-गया सड़क (एनएच-83) के किनार करीब 1000 एकड़ जमीन में टाउनशिप बनेगी। इस महत्वाकांक्षी योजना में भूअर्जन अधिनियम 1संशोधित) के तहत 70 फीसदी जमीन की व्यवस्था आईआईडीसी खुद करगा जबकि 30 फीसदी जमीन सरकार उपलब्ध करायेगी।ड्ढr ड्ढr राज्य सरकार भूस्वामी या किसान से सीधे जमीन नहीं लेगी। परियोजना के लिए जमीन उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी आईआईडीसी को दी गई है। महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि इस टाउनशिप में कमजोर तबके एवं जमीन देने वालों को 20 से 25 फीसदी फ्लोर एरिया सुरक्षित रहेगा। भूस्वामियों को अधिगृहित जमीन के बदले उचित मुआवजा अथवा जमीन के अनुपात में विकसित जमीन या आनुपातिक रूप में दोनों सुविधा लेने का अधिकार सुरक्षित रहेगा। इसके लिए राज्य सरकार आईआईडीसी को आवश्यक सभी मदद करगी। आईआईडीसी को विशेष लाभ यथा कर में छूट, डेवलेपमेन्ट शुल्क में छूट समेत कई सुविधाएं भी दी जाएंगी। विभागीय मंत्री भोला सिंह ने कहा कि विभाग और आईआईडीसी में सहमति बन गई है। दस महीने में सही स्थिति सामने आ जाएगी।ड्ढr आईआईडीसी ने सम्पूर्ण समेकित शहरीकरण की इस महत्वाकांक्षी योजना का प्रारूप तैयार कर लिया है। टाउनशिप के बाहर परिधीय एवं मुख्य संरचना (सड़क, यातायात, बिजली, जलापूर्ति) आदि की व्यवस्था सरकार करगी। टाउनशिप में आवासीय, सामाजिक, वाणिज्यिक एवं मनोरंजन संबंधी सभी सुविधाएं मौजूद रहेंगी।अगले दस महीने में आईआईडीसी ऐसा प्रोजेक्ट तैयार करगा जो सरकार की इच्छा की पूर्ति के साथ ही निजी निवेशकों को भी आकर्षित कर और बिना परशानी के भूस्वामियों को उचित मुआवजा मिले। नगर विकास एवं आवास विभाग से डीपीआर की स्वीकृति लेकर ही निर्माण शुरू होगा।

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  • Web Title: पटना में सेटेलाइट टाउनशिप