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पेट्रोल 5, डीजल 3 व सिलेंडर 50 रुपये महंगा

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों और तेल कंपनियों की मांग को देखते हुए सरकार ने बुधवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी। पेट्रोल में पांच रुपये जबकि डीजल की कीमत में तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। गैस सिलेंडर की कीमत में भी 50 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई है। सरकार ने इसके साथ ही सभी पेट्रोलियम पदाथरे के आयात शुल्क में पांच प्रतिशत तथा पेट्रोल एवं डीजल पर उत्पाद शुल्क में एक रुपये प्रति लीटर की कमी करने का भी फैसला किया। नई दरें बुधवार मध्यरात्रि से प्रभावी हो जाएंगी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षा में राजनीति मामलों की कैबिनेट समिति की बुधवार को हुई मैराथन बैठक में पेट्रोलियम पदार्थो की कीमतों को बढ़ाने का फैसला लिया गया। पेट्रोलिय मंत्री मुरली देवड़ा ने एक संवाददाता सम्मेलन में बढ़े हुए मूल्यों की घोषणा की। देवड़ा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के बढ़ते दाम से भारतीय खरीद मूल्य 123 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। घरेलू बाजार में दाम नहीं बढ़ने से तेल कंपनियों का घाटा इस साल 245305 करोड़ रुपये तक पहुंच जाने का अनुमान था। उन्होंने कहा कि बढ़ते दाम से आम उपभोक्ता को बचाने का सरकार ने भरसक प्रयास किया। तेल कंपनियों और सरकार ने बढ़ी कीमतों का यादातर बोझ स्वंय उठाया लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों को देखते हुए यह जरूरी हो गया कि कुछ बोझ उपभोक्ता पर भी डाला जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में पेट्रोल के दाम 21.43 रुपये लीटर बढ़ाने की जरूरत थी लेकिन उपभोक्ता पर मात्र 5 रुपये लीटर का बोझ डाला गया। इसी प्रकार डीजल में कंपनियों को 31.58 रुपये लीटर का नुकसान हो रहा है लेकिन दाम केवल तीन रुपये लीटर ही बढ़ाए गए। रसोई गैस के एक सिलेंडर पर 353 रुपये का नुकसान था जबकि वृद्धि मात्र 50 रुपये सिलेंडर की गई है। गरीब तबके का ध्यान रखते हुए मिट्टी तेल में कोई वृद्धि नहीं गई है। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वामदलों ने पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़ाने के सरकार के फैसले पर नाराजगी जताते हुए इसके विरोध में देशव्यापी आंदोलन छेड़ने की घोषणा की है। हालांकि, पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने वामदलों के आंदोलन पर जाने से इंकार करते हुए कहा कि उनकी बातों को भी सरकार ने माना है। कच्चे तेल पर कस्टम डय़ूटी पूरी तरह समाप्त कर दी गई है और पेट्रोल, डीजल पर भी इसे 7.5 से घटाकर 2.5 प्रतिशत किया गया है। एक्साइज डय़ूटी में भी एक रपये लीटर की कमी की गई है। मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने पेट्रोलियम पदाथर्ों में मूल्य वृद्धि को आर्थिक आतंकवाद की संज्ञा दी।ं

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