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मूल्य वृद्धि के खिलाफ माकपा आंदोलन करेगी

पेट्रोलियम पदार्थो की मूल्य वृद्धि के खिलाफ प्रदेश माकपा ने सड़क पर उतरने का एलान कर दिया है। माकपा सचिव मंडल ने निर्णय किया है कि 5 से 11 जून तक पूर सूबे में हड़ताल, पिकेटिंग, जुलूस, प्रदर्शन, रल रोको व रास्ता रोको आंदोलन कर जनता के असंतोष को सही दिशा देने का काम किया जाए। आंदोलन को इस स्तर पर पहुंचाया जाये कि केन्द्र की यूपीए सरकार आम लोगों को परशानी में डालने वाली इस मूल्यवृद्धि को वापस लेने पर मजबूर हो जाए।ड्ढr ड्ढr राज्य सचिवमंडल सदस्य सवरेदय शर्मा ने कहा कि आम जनता से भी अपील की जा रही है कि वह इस जनविरोधी निर्णय के खिलाफ राज्यव्यापी प्रतिरोध सप्ताह में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले। उन्होंने कहा कि पहले से ही महंगाई से त्रस्त आम जनता पर केन्द्र सरकार ने और बोझ लाद दिया है। मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में विफल केन्द्र सरकार जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ने से माल ढुलाई भाड़े में वृद्धि होगी और पारिवारिक बजट पर और अधिक बोझ बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि वामदलों ने वैकल्पिक रास्ता बताया था कि तेल और गैस निकालने वाली कंपनियोंपर अप्रत्याशित लाभ टैक्स (विन्डफॉल प्रोफिट) बढ़ाया जाये और आम जनता पर मूल्यवृद्धि का बोझ नहीं डाला जाए। पर केन्द्र सरकार ने वामदलों की मांग ठुकराते हुए आम जनता को महंगाई की चक्की में पीसने का दुस्साहस किया है जो असहनीय है। कृषि सचिव के खिलाफ मोर्चा खोलाड्ढr पटना(हि. ब्यू.)। कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मियों ने विभागीय सचिव सीके अनिल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सचिव पर मानसिक एवं आर्थिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कृषि मंत्री नागमणि से कहा है कि ऐसी परिस्थिति में किसी के साथ कोई भी अप्रिय घटना घट सकती है। उन्होंने मंत्री को बुधवार को नौ सूत्री ज्ञापन भी सौंपा है।ड्ढr वहीं कृषि मंत्री नागमणि ने कहा कि ज्ञापन उन्हें मिला है, किसी भी कर्मचारी और अधिकारी को भय के माहौल में काम करने की जरूरत नहीं है। किसी भी कर्मचारी पर बिना वजह कोई कार्रवाई नहीं होगी। टीका प्रकरण में भी अधिकारी लक्ष्मण मिश्रा का जवाब आज ही विभाग को मिला है और उनके साथ न्याय किया जायेगा। उधर ज्ञापन देने गये अधिकारियों और कर्मियों ने मंत्री से आग्रह किया है कि वे शीघ्र उनकी समस्याओं पर उचित निर्णय लें अन्यथा बाध्य होकर कर्मी व अधिकारी आकस्मिक अवकाश पर चले जायेंगे।ड्ढr ड्ढr उन्होंने सचिव पर मंत्री के आदेश की भी अवहेलना का आरोप लगाया है। साथ ही कहा है कि जिस संचिका में विभागीय मंत्री के आदेश की आवश्यकता है उसपर भी सचिव अपने स्तर से आदेश निर्गत कर रहे हैं। वे दुर्भावना से ग्रसित होकर पदाधिकारियों एवं कर्मियों पर दंडात्मक कार्रवाई कर रहें हैं। मुख्यमंत्री ने वर्तमान वर्ष को कृषि वर्ष घोषित किया है, पर विभागीय पुनर्गठन और प्रोन्नति के मामले लटकाने से करोड़ों रुपये की योजना शुरू नहीं हो पा रही है। क्षेत्रीय स्तर पर भी अधिकारी एवं कर्मियों की भरी कमी है। विभागीय योजनाओं का आकार बड़ा है पर विभाग में प्रधान सचिव का पद रिक्त है और निदेशक का पद भी अभी प्रभार में चल रहा है। वे भय के वातावरण में काम कर रहे हैं और सचिव के साथ काम करने में असमर्थ हैं। उन्होंने मंत्री से निवेदन किया है कि वे शीघ्र इस मुद्द्े पर निर्णय लें।ं

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