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खाना पकाना व गाड़ी चलाना और महँगा

सरकार ने बुधवार को एक झटके में पेट्रोल के दाम पाँच रुपए, डीाल के तीन रुपए प्रति लीटर तथा रसोई गैस के 50 रुपए प्रति सिलेंडर बढ़ा दिए। केरोसिन की कीमतों को नहीं छेड़ा गया है। कीमतें बुधवार आधी रात से लागू होंगी। चुनाव से ठीक पहले के साल में सरकार को यह अलोकप्रिय फैसला इसलिए लेना पड़ा क्योंकि सरकारी तेल कंपनियों को चालू वित्त वर्ष के दौरान 2,45,305 करोड़ का नुकसान होता।ड्ढr कोई दो हफ्ते से राानीतिक माबूरियों के कारण लटके पड़े इस फैसले को अंतिम रूप देने के लिए काबीना की राानीतिक मामलों की कमेटी की बैठक बुधवार को प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई। सरकार ने इसके साथ ही सभी पेट्रो पदार्थो के आयात शुल्क में पाँच प्रतिशत और पेट्रोल व डीजल पर उत्पाद शुल्क में एक रुपए प्रति लीटर की कमी करने का भी फैसला किया। सरकार ने कच्चे तेल पर पाँच प्रतिशत आयात शुल्क पूरी तरह खत्म करने के साथ डीजल और पेट्रोल पर आयात शुल्क साढ़े सात से घटाकर ढाई प्रतिशत और अन्य पेट्रोलियम पदाथोर्ं पर से इसे घटाकर पाँच प्रतिशत करने का फैसला भी किया। मुरली देवड़ा ने कहा कि शुल्क दरों में कमी से करने से सरकार के राजस्व में 22,660 करोड़ रुपए की कमी आने का अनुमान है।ड्ढr देवड़ा ने बताया कि प्रधानमंत्री के रेसकोर्स निवास पर हुई बैठक में फैसला किया गया कि तेल घाटा कम करने के लिए अवाम पर पूरा बोझ नहीं डाला जाएगा। इसे सरकार और जनता के बीच बाँटा जाएगा। एक सवाल केोवाब में उन्होंने कहा कि उन्होंने माकपा के नेता प्रकाश करात से कीमतों में वृद्धि के संबंध में बात की। वह यह तो दावा नहीं करंगे कि प्रकाश करात ने सरकार के फैसले को ठीक बताया पर वह सरकार की माबूरी को कहीं न कहीं समझ रहे थे। ड्ढr ं

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