अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

तालिबान से बड़ी समस्या है पक्की सड़क

अलकायदा, तालिबान, मुंबई हमला, आर्थिक मंदी और ऐसे तमाम मुद्दे बहुत बड़े दिखाई देते हैं- अगर वोटर दिल्ली अथवा मुंबई में बैठा हो तो। उड़ीसा के कोरापुट जिले के बरलामुंडा के बाशिंदे मतदान का बहिष्कार कर रहे हैं। क्योंकि पिछले 15 साल में तमाम वायदों के बावजूद सुदूर स्थित इस गांव को जोड़ने वाली सड़क अभी तक जमीन पर उतर नहीं पाई है। ऐसा दिख पड़ता है कि वोटर अब वायदों के मायाजाल से प्रभावित नहीं हो रहा। आतंकवाद के मुद्दे की सीमा दिल्ली, मुंबई और चंद ऐसे ही शहरों में सिमटी हुई है। यह चुनाव स्थानीय मुद्दों और नई अभिलाषाओं को लेकर है। पंजाब के जलंधर जिले के मतदाता अंग्रेजी की शिक्षा चाहते हैं, क्योंकि इससे रोगार की संभावना बढ़ जाती है। वैसे तो रोी-रोटी का जुगाड़ और विकास हमेशा से चुनावी एजेंडों में शामिल रहे हैं पर इस बार उनका स्वरूप अलग है। दो रुपये किलो में चावल और राष्ट्रीय ग्रामीण रोगार गारंटी योजना के तहत 100 दिनों के रोगार की गारंटी का वोटरों ने स्वागत किया है पर उम्मीदें अभी थमी नहीं हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: तालिबान से बड़ी समस्या है पक्की सड़क