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कई शिक्षकों को गलत ढंग से मिली प्रोन्नति

रांची यूनिवर्सिटी, विनोबा भावे और सिद्धो-कान्हू यूनिवर्सिटी में कई शिक्षकों के ज्वाइनिंग डेट में फेरबदल कर उन्हें गलत ढंग से प्रोन्नति दे दी गयी। इससे सरकार को प्रतिमाह 60 से 65 लाख रुपये का चूना लगा रहा है। आरयू के तत्कालीन उप कुलसचिव एचपी राय ने 12 दिसंबर 10 को एक अधिसूचना जारी की। इसमें बीपीएससी की अनुशंसा पर लगभग 80 अस्थायी शिक्षकों को 25 नवंबर10 से नियुक्ित दी गयी। बाद में डॉ मिसिर उरांव ने 31 मार्च 1ो पुन: एक अधिसूचना जारी कर इन शिक्षकों के ज्वाइनिंग डेट में फेर बदल कर 1और 1र दिया। उसी तिथि से कई शिक्षकों को गलत ढंग से प्रोन्नति मिल गयी। कई शिक्षकों ने आठ वर्ष प्लस आठ वर्ष मेरिट प्रमोशन स्कीम का लाभ लेकर प्रोन्नति पा ली, जबकि झारखंड और बिहार में यह स्कीम लागू ही नहीं है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसकी जांच सीबीआइ या किसी सक्षम एजेंसी से कराने की अनुशंसा की थी। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

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