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डिप्टी मेयर ने बिगाड़ा मेयर का खेल

बोरिंग रोड पर नगर निगम के 1.171 कठ्ठा खाली भूखंड को अपने चहेते को आवंटित करने के लिए शुरू किये गये खेल में डिप्टी मेयर ने खलल डाल दिया। खलल भी ऐसा कि सशक्त स्थायी समिति में स्वीकृति के लिए लाये गये संलेख की वैधता पर ही सवाल खड़ा हो गया। नगर आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने भी डिप्टी मेयर संतोष मेहता द्वारा उठाये गये सवाल का समर्थन किया। ऐसी स्थिति में मामले को रफादफा करने के लिए आवंटन के प्रस्ताव को रद्द कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार 22 फरवरी को तत्कालीन नगर आयुक्त ने नालंदा की सुनैना देवी को भूखंड आवंटित करने की अनुशंसा सशक्त स्थायी समिति से किया था। इसमें भूखंड आवंटित करने के नियमों को ताक पर रख दिया गया। मेयर संजय कुमार ने भी नगर आयुक्त द्वारा अनुशंसित संलेख का अनुमोदन कर दिया।ड्ढr ड्ढr इसके बाद सशक्त स्थायी समिति से हरी झंडी लेने के लिए प्रस्ताव रखा गया लेकिन बैठक के दौरान ही डिप्टी मेयर ने संलेख की वैधता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि भूखंड आवंटित करने की एक प्रक्रिया है। इसका संलेख बैठक में कैसे आया। उन्होंने इसकी समीक्षा की मांग उठाई थी। इसके बाद प्रस्ताव को रद्द कर मामले को ठंडे वस्ते में डाल दिया गया।ड्ढr सूत्रों की मानें तो 1में तत्कालीन प्राधिकार पर्षद ने बोरिंग रोड वाली जमीन पर कियोस्क बनाकर डाक के आधार पर बंदोबस्त करने का निर्णय लिया। फिर 1में कियोस्क निर्माण नहीं कर भूखंड को ही खुली डाक द्वारा नीलाम करने का निर्णय लिया गया। इस भूखंड के संबंध में निर्णय लेने के लिए 2005 में चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया। 2006 में इस भूखंड को आवासीय से व्यावसायिक बनाने के लिए बैठक करने का निर्णय लिया गया लेकिन अंतिम फैसला नहीं हुआ था।

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