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फीनिक्स को मिट्टी के नमूने उठाने व जांच के निर्देश

अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह पर गए यान फीनिक्स को उस लाल ग्रह के ध्रुवीय क्षेत्र से मिट्टी के नमूने इकट्ठे करने तथा विश्लेषण करने के लिए निर्देशित किया है ताकि वहां जीवन की संभावनाआें का पता लगाया जा सके। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी (नासा) द्वारा प्रक्षेपित यान फीनिक्स 25 मई को मंगल की धरती पर उतरा था। यान की रोबोटनुमा भुजा को तीन स्थानों से मिट्टी के नमूने उठा कर यान में लगे परीक्षण उपकरणों डालना है जिनमें मिट्टी की बनावट का परीक्षण किया जाएगा। शुरुआती परीक्षणों से पता चला है कि यान के उतरने के स्थान पर डेढ़ इंच मोटी सफेद परत जमी हुई है जिससे नासा वैज्ञानिकों की जिज्ञासा बढ़ गई है। फीनिक्स मिशन के प्रमुख शोधकर्ता पीटर स्मिथ ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह परत नमक की हो सकती है या संभव है कि यह बर्फ हो। हम इसका पता लगा रहे हैं। मिशन वैज्ञानिकों का पूरी उम्मीद है कि मिट्टी के नमूनों की यान में उपलब्ध उपकरणों की जांच से ही पता चल जाएगा। फीनिक्स के रोबोटिक कैमरे ने नई तस्वीरें भेजी हैं जिनमें यान के नीचे की भूमि पर बर्फ जमी हुई प्रतीत होती है लेकिन डॉ. स्मिथ का कहना है कि रोबोट भुजा यान के निचले हिस्से तक पहुंच नहीं सकती लिहाजा उसकी जांच करना असंभव है। 42 करोड़ डॉलर की लागत से तैयार यान फीनिक्स को मंगल के ध्रुवीय क्षेत्र में उतरने से पहले दस माह तक लगातार 42 करोड़ मील की यात्रा करनी पड़ी है। नासा के पिछले दशक में मंगल पर भेजे एक मिशन के परीक्षण में जल होने तथा जीवन के अनुकूल वातावरण होने के संकेत मिले थे। फिर 2002 में मंगल की सतह के भीतरी हिस्सों में जल के भण्डार एवं भूमिगत नहरें होने का पता चलने के बाद फीनिक्स मिशन तैयार किया गया।

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  • Web Title: फीनिक्स को मिट्टी के नमूने उठाने व जांच के निर्देश