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इंटर छात्रों का भविष्य दांव पर

राज्य के दो लाख इंटर छात्रों के भविष्य पर ग्रहण लग सकता है। अभी तक राज्य के लगभग 40 फीसदी प्लस टू स्कूल कॉलेजों द्वारा ग्यारहवीं का रिाल्ट बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को नहीं भेजा जा सका है। इस कारण समिति यह तय नहीं कर पा रही है कि 200ी 12वीं की परीक्षा में कितने छात्रों को परीक्षा दिलाने की व्यवस्था उन्हें करनी होगी। अप्रैल में हुई 11वीं परीक्षा के परिणाम सभी स्कूल व कॉलेजों को 31 मई तक समिति में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।ड्ढr ड्ढr समिति का कहना है कि कॉलेज प्रशासन को पहले ही सूचित कर दिया गया था कि 11वीं की परीक्षा पास करने के बाद ही छात्रों को 12वीं में भेजा जाएगा। इसके बाद भी कॉलेजों द्वारा कॉपियों का मूल्यांकन कराने व क्रॉस लिस्ट तैयार करने में देरी हो रही है। इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ेगा। 200ी वार्षिक परीक्षा के लिए जुलाई में निबंधन का कार्य शुरू किया जाएगा। इसको लेकर बाकी बचे स्कूल-कॉलेजों को 10 जून तक हर हाल में 11वीं के छात्रों की अंक तालिका उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इस संबंध में समिति के सचिव अनूप कुमार सिन्हा का कहना है कि लगभग 40 फीसदी प्लस टू स्कूल व कॉलेजों द्वारा अब तक 11वीं का परिणाम नहीं उपलब्ध कराया गया है। इससे यह तय करना संभव नहीं हो रहा है कि अगली परीक्षा में कितने छात्र भाग लेंगे।ड्ढr उन्होंने कहा कि अगर 10 जून तक कॉलेजों द्वारा माक्र्सशीट नहीं भेजी जाएगी तो वहां के छात्रों को 200ी वार्षिक इंटर परीक्षा में भाग लेने से भी वंचित होना पड़ सकता है। साथ ही ऐसे स्कूल व कॉलेजों पर भी दंडात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।

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