अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

किसान आयोगकी सेहत खराब

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा घोषित कृषि वर्ष में राज्य किसान आयोग की सेहत अच्छी नहीं है। इसका असर किसानों की सेहत पर पड़ने लगा है। गठन के दो वर्षो तक तो आयोग को फूटी कौड़ी नहीं दी गई, कृषि वर्ष में भी अब तक राशि विमुक्त नहीं की गई है। फलस्वरूप राज्य किसान आयोग द्वारा किसानों के हित में बनाई गई योजना को धरातल पर उतारना कठिन हो रहा है। आयोग के अध्यक्ष रामाधार ने इस मुतल्लिक एक पत्र भी विभाग के सचिव को लिखा है। पत्र का निहितार्थ यही है कि विभाग आयोग को राशि देने में अनावश्यक विलंब कर रहा है । हालांकि वर्ष 2008-200े बजट में सरकार ने आयोग के लिए 75 लाख का प्रावधान किया है।ड्ढr ड्ढr इस बार में आयोग के अध्यक्ष रामाधार ने पूछने पर बताया कि मंत्री स्तर से राशि स्वीकृत कर दी गई है। उम्मीद है कि अगले एक - दो सप्ताह में कैबिनेट की मंजूरी के बाद राशि मिल जायेगी। सरकार ने किसानों की समस्याओं को निपटने के लिए वर्ष 2006 में राज्य किसान आयोग का गठन किया था। अध्यक्ष के रूप में रामाधार ने उसी वर्ष जून में में योगदान किया। तब आयोग की गतिविधियों के संचालन के लिए सरकार से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की मांग की गई। लेकिन उस वर्ष सरकार ने आयोग को फूटी कौड़ी भी नहीं दी।ड्ढr बाद में कृषि विपणन पर्षद से र्का के रूप में आयोग को दस लाख रुपये मिले। वर्ष 2007-2008 में आयोग ने लगभग सवा करोड़ रुपये की मांग की। बावजूद राशि दी गई लगभग 24 लाख। वर्ष 2008-200में भी लगभग सवा करोड़ की मांग के विरुद्ध सरकार ने 75 लाख का बजट में प्रावधान तो किया लेकिन अब तक राशि आयोग को नहीं दी गई। ोएन सिंह पर सीबीआई ने दबिश बढ़ाईड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। स्टेट बैंक स्टाफ एसोसिएशन के सेवन सर्किल के प्रसिडेंट जे.एन.सिंह पर सीबीआई अपनी दबिश बढ़ा रही है। सीबीआई ने अब सिंह के खातों के स्टेटमेंट पर अपना ध्यान केन्द्रित किया है। सीबीआई ने बैंक से सिंह के सभी खातों का स्टेटमेंट मांगा है। बैंक स्टेटमेंट के आधार पर इसकी पड़ताल होगी कि उनके खातों में कब-कब और कितनी रकम जमा की गयी और उसकी निकासी हुई। सीबीआई ने सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया है। बैंक से लॉकरों का ब्योरा भी मांगा गया है। गांधी मैदान स्थित स्टेट बैंक मेन ब्रांच में सिंह के लॉकर नहीं है। यह बात साफ हो चुकी है। सीबीआई की नजर अब बैंक की दूसरी शाखाओं पर टिकी है। सूत्रों के अनुसार सिंह के खिलाफ सीबीआई को भेजी गयी शिकायतों में कई खातों की चर्चा है। सीबीआई अब उनकी निशानदेही पर खातों को खंगालने की कोशिशों में है। सीबीआई की टीम दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में भी एक ठिकाने पर गयी थी। बताया जाता है कि वहां ऊंची कीमत पर हाल ही में एक फ्लैट की खरीद की गयी थी। इसमें भी गड़बड़झाले की बात सामने आयी थी। सीबीआई इस बात की तह में जाने में जुटी है कि फ्लैट कब और किसके-किसके नाम से खरीदा गया। चूंकि मामला डीए केस से संबंधित है इसलिए दस्तावेज ही सीबीआई के लिए सबूत का मूल आधार होंगे।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: किसान आयोगकी सेहत खराब