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रथयात्रा चार और घुरती मेला 14 जुलाई को

ऐतिहासिक रथयात्रा मेला की तैयारी शुरू कर दी गयी है। मंदिर की मरम्मत और रंग- रोगन का काम शुरू हो गया है। रथयात्रा चार जुलाई को होगी। घुरती मेला 14 जुलाई को लगेगा। मंदिर के प्रधान पुजारी जगदीश मोहंती ने बताया कि ज्येष्ठ पूर्णिमा अर्थात 18 जून को भगवान की स्नान यात्रा होगी। भगवान के सभी विग्रहों को स्नान कराया जायेगा। 51 घड़ों में औषधीय और सुगंधित जलों से भगवान के विग्रहों को स्नान कराया जायेगा। पुरिहतों द्वारा अनुष्ठान करने के बाद भक्त भी भगवान को स्नान करायेंगे। इसके बाद शाम को भगवान अज्ञातवास में चले जायेंगे।ड्ढr 18 जून के बाद 15 दिनों तक भगवान के दर्शन नहीं होंगे। तीन जुलाई को नेत्रदान का अनुष्ठान होगा। इस दौरान भगवान के श्रंगार के बाद प्रधान पुरोहित नेत्रदान की रस्म अदा करंगे। इसके बाद भगवान के दर्शन सर्वसुलभ हो जायेंगे। चार को रथयात्रा निकलेगी, जो मुख्य मंदिर से प्रारंभ होकर मौसीबाड़ी जायेगी।

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