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अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम का पालन हो

राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति पर अत्याचार रोकने के लिए अत्याचार निवारण संबंधी तमाम अधिनियमों का कड़ाई से अनुपालन करने की ताकीद की है। इस संबंध में संबंधित सार अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग ने ‘अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति निवारण अधिनियम 1’, ‘अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1’ और ‘सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम 1’ पर पूरी सख्ती से अमल कराए जाने का निर्णय लिया है।ड्ढr ड्ढr इस संबंध में विभाग ने सभी डीएम, एसपी, एसडीओ, एसडीपीओ और थाना प्रभारियों को अत्याचार निवारण अधिनियम का कड़ाई से अनुपालन करने को कहा है। इसके अलावा संबंधित क्षेत्र के मुखिया और सरपंचों को भी पीड़ितों को आवश्यक सहायता पूरी तत्परता के साथ उपलब्ध कराने को कहा गया है। यही नहीं विभाग ने नियमानुसार पीड़ितों को सहायता अनुदान शीघ्र दिए जाने का भी निर्देश जारी किया है।ड्ढr ज्ञातव्य है कि उक्त अधिनियमों के तहत दोषी व्यक्ित को तीन माह से लेकर आजीवन कारावास की सजा और मृत्युदंड तक हो सकता है। लोक सेवक होने पर दोषी को कम से कम एक वर्ष का कारावास हो सकता है।

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