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एकता, अखंडता और देशहित में काम करनेवालों को चुनें

सनातन-संत सूफी यात्रा देश में एकता और अखंडता का अलख जगा रही है। सात अप्रैल से पूर देश में शांति और भाईचारा का पैगाम लिये दिल्ली से निकली यात्रा 13 अप्रैल को रांची पहुंची। रांची के होटल अशोका में सोमवार की शाम सूफी संतों ने प्रस कांफ्रंस में कहा कि जाति और धर्म के नाम पर वोट मांगनेवालों को वोट न दें। पांच महानगरों की यात्रा के बाद रांची पहुंची टीम में शामिल रामजन्म भूमि मंदिर निर्माण न्यास, अयोध्या के अध्यक्ष महंत जनमेजय शरण जी महाराज और वर्ल्ड सूफी काउंसिल, अजमेर शरीफ के अध्यक्ष सूफी मो गिलानी कत्तान ने कहा कि कुछ लोग सनातन धर्म और इस्लाम की विकृत व्याख्या कर देश के सांप्रदायिक सौहाद्र्र को बिगाड़ना चाहते हैं।ड्ढr सूफी मो गिलानी ने कहा कि राजनीति में शामिल वैसे सफेदपोशों को कतई वोट न दें, जो जनता को एक बार धोखा देकर पांच साल तक शासन करते हैं। वे चुनाव के समय बड़े-बड़े वायदे करते हैं, लेकिन जीतते ही उन्हें ठंडे बस्ते में डाल देते हैं। वोट तो देश और समाज की तरक्की के लिए काम करनेवालों को ही दें। संवाददाता सम्मेलन में अवंतिका पीठाधीश्वर के जगत गुरु स्वामी प्रमानंद जी महाराज (मध्यप्रदेश), सैयद हाजी मुहम्मद अब्दुल्ला (सूफी लाल मुहम्मद सूफी दरगाह, राउरकेला), महंत श्री गणेशाचार्य जी महाराज (डिवाइन श्रीराम इंटरनेशनल, हरिद्वार), सैयद मुहम्मद ताहिर (शेख हारुन रशीद दरगाह, बड़ोदरा), स्वामी रामटहल जी महाराज (जनकपुर धाम, पीठाधीश्वर), सैयद मुहम्मद सदातुल्ला (दरगाह, सैयद यासिन शाह बुखारी, हैदराबाद), महंत लक्ष्मणदास जी महाराज (स्वामी हरिदास आश्रम, रायबरली) और स्वामी शिवरतन शरण जी महाराज (ब्रह्मपीठ, अजमेर) मौजूद थे।ड्ढr सिर्फ चुनाव में आती है राममंदिर की याद : महंतड्ढr रामजन्म भूमि मंदिर निर्माण न्यास के अध्यक्ष और महंत जनमेजय ने कहा कि चुनाव के समय ही भाजपा को राम मंदिर की याद आती है। इसके बाद वह भूल जाते हैं। इस बार में बयानबाजी से बचना चाहिए, मामला सुप्रीम कोर्ट में है।

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